बुरे समय में कौन देता है साथ और कौन छोड़ जाता है हाथ? चाणक्य ने बताया सच्चे इंसान को पहचानने का आसान तरीका

Chanakya Niti: मुसीबत का समय सिर्फ परेशानी लेकर नहीं आता, बल्कि लोगों की असली पहचान भी सामने ला देता है. चाणक्य नीति के अनुसार, अच्छे वक्त में साथ देने वाले तो बहुत मिल जाते हैं, लेकिन बुरे समय में जो बिना किसी मतलब के आपके साथ खड़ा रहे, वही सच में आपका अपना होता है.

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय का बहुत जानकार, होशियार और समझदार इंसान माना जाता है. उनकी बताई बातें आज भी हमें जिंदगी सही तरीके से जीने का रास्ता दिखाती हैं. उन्होंने इंसानों की सोच और उनके व्यवहार को बहुत करीब से समझा था. फिर उन्होंने 'ज्ञान की बातें' नाम की किताब लिखी. उनकी बातें सैकड़ों साल पुरानी होने के बाद भी आज के समय में बिल्कुल सच साबित होती हैं.

चाणक्य का कहना था कि जब जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा हो और खुशियां हों, तब नए दोस्त बनाना बहुत आसान होता है. लेकिन इंसान की असली पहचान तब होती है जब उस पर अचानक कोई बड़ी मुसीबत आ जाए या पैसों की बहुत तंगी हो जाए. चाणक्य नीति हमें बहुत ही आसान तरीके से यह सिखाती है कि बुरे समय में सच्चे दोस्तों और स्वार्थी लोगों के बीच पहचान कैसे की जाती है. आज के इस आर्टिकल में हम बहुत ही सिंपल और आसान भाषा में यही समझेंगे कि मुश्किल वक्त में अपने और पराए का फर्क कैसे करें और सही इंसान को कैसे पहचानें.

मुसीबत के समय ही होती है सच्ची परीक्षा

जैसा चाणक्य बताते हैं, जब आपके पास सब कुछ ठीक होता है, तो आपके लिए दोस्त बनाना बहुत आसान हो जाता है. लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब आप खुद किसी मुसीबत में फंसते हैं. जो इंसान आपके बुरे समय में बिना किसी स्वार्थ के आपके साथ खड़ा रहता है, वही आपका सबसे सच्चा दोस्त होता है. लेकिन, जो लोग आपके अच्छे दिनों में आपके साथ रहते हैं, घूमते-फिरते हैं, लेकिन आप पर मुसीबत आते ही गायब हो जाते हैं या फिर बहाने बनाते हैं, इस तरह के लोग कभी भी आपके अपने नहीं हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें: परिवार को भी नहीं पता होनी चाहिए आपकी ये 5 बातें, चाणक्य की इस सलाह में छिपा है खुशहाल जिंदगी का राज

पैसों की कमी में दिखती है लोगों की असली नीयत

चाणक्य नीति के अनुसार, पैसों की तंगी किसी भी इंसान के लिए सबसे बड़ा मुश्किल का दौर होता है. चाणक्य कहते हैं कि जब आपके पास पैसे खत्म होते हैं, तभी आपके आसपास के लोगों का जो असली चेहरा होता है वह आपके सामने आता है. जो लोग आपके साथ सिर्फ आपके पैसों या फिर आपका फायदा उठाने के लिए जुड़े हुए थे, पैसों की तंगी होते ही वे तुरंत आपसे दूरी बनाने लग जाएंगे. लेकिन जो इंसान आपके पास एक रुपया न होने पर भी आपकी इज्जत करे, आपको हिम्मत दे और अपनी कैपेसिटी के हिसाब से आपकी मदद करे, वही इंसान जिंदगी में भरोसा करने लायक होता है.

मुश्किल वक्त में अपनों की पहचान

चाणक्य बताते हैं, किसी भी रिश्ते की सच्चाई उस समय पता चलती है जब घर पर कोई बड़ी मुसीबत आ जाए. एक सच्चा पार्टनर या फिर दोस्त वह होता है जो कठिन से कठिन हालात में भी आपका हाथ नहीं छोड़ता है और आपके साथ मिलकर उस परेशानी का मुकाबला करता है. अगर कोई भी इंसान आपके सुख और अच्छे समय में तो आगे-आगे रह रहा है, लेकिन दुखों के आते ही तुरंत पीछे हट जा रहा है, तो आपको यह समझ जाना चाहिए कि वह सिर्फ नाम का ही आपका अपना है.

इंसान को परखने का सबसे सिंपल नियम

चाणक्य नीति की सबसे बड़ी सीख और सबक यही है कि आपको कभी भी किसी पर भी आंखें मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए. किसी को भी अपना सच्चा दोस्त या फिर पार्टनर मानने से पहले यह जरूर देख लें कि वह मुसीबत के समय में आपके साथ कैसा बर्ताव कर रहा है. जो लोग सिर्फ आपके मुंह पर मीठी-मीठी बातें करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर गायब हो जाते हैं, उनसे तुरंत दूरी बना लेने में ही समझदारी है. दोस्तों की गिनती भले ही कम हो, लेकिन वे ऐसे होने चाहिए जो हर मोड़ पर आपके साथ खड़े रहें.

ये भी पढ़ें: महिलाओं को अपनी ये 5 बातें हर किसी से रखनी चाहिए छिपाकर, शेयर कीं तो लोग उठा सकते हैं फायदा


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सौरभ पोद्दार

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >