छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा और रात में नहीं आती नींद? स्ट्रेस के इन 5 संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Signs of Excessive Stress: कई बार हम छोटी-छोटी परेशानियों, थकान या चिड़चिड़ेपन को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये बढ़ते स्ट्रेस के संकेत हो सकते हैं। शरीर हमें पहले ही इशारे देने लगता है, बस जरूरत होती है इन्हें समझने की. जानिए कौन से बदलाव बताते हैं कि अब आपको खुद पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है.

Signs of Excessive Stress: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव यानी कि स्ट्रेस होना एक बहुत ही कॉमन बात बन गई है. पढ़ाई की बात हो, करियर की टेंशन हो या फिर परिवार की जिम्मेदारियां और सोशल मीडिया पर दूसरों से आगे निकलने की दौड़, इन सभी चीजों में हम इतने उलझ जाते हैं कि अपने मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं. आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन जब हम अंदर से परेशान या फिर दुखी होते हैं, तो हमारा शरीर हमें कुछ संकेत या फिर इशारे देने लगता है. सबसे बड़ी परेशानी भी यही है कि हममें से ज्यादातर लोगों को इन संकेतों के बारे में कुछ पता ही नहीं होता. अक्सर हम शरीर में दिखाई देने वाले इन संकेतों को कोई मामूली थकान या फिर छोटी-मोटी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप समय रहते इन संकेतों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो आगे चलकर यही हमारी सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं संकेतों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जो आपके शरीर में ज्यादा स्ट्रेस होने की वजह से दिखाई देने लगते हैं. तो चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

signs of excessive stress

बार-बार सिरदर्द होना और मसल्स में खिंचाव

जब हम बहुत ज्यादा स्ट्रेस से गुजरते हैं, तो इसका सबसे पहला असर हमारे शरीर की मसल्स पर देखने को मिलता है. स्ट्रेस की वजह से कंधे, गर्दन और पीठ की मसल्स अकड़ने लग जाती हैं. इसकी वजह से सिर में भारीपन और हल्का-हल्का दर्द बना रहता है. अक्सर जब ऐसा होता है, तो हम इसे नॉर्मल थकान समझकर डिस्प्रिन या फिर कोई पेनकिलर खा लेते हैं. लेकिन सच्चाई तो यही है कि यह आपके दिमाग का एक सिग्नल है कि अब आपको थोड़े आराम की जरूरत है.

नींद न आना या रात में बार-बार नींद टूटना

अगर आप एक हेल्दी जीवन जीना चाहते हैं तो इसके लिए एक गहरी और अच्छी नींद बहुत ही जरूरी होती है. लेकिन जब दिमाग में ढेर सारी बातें और परेशानियां घूमती रहती हैं, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन्स का लेवल बढ़ने लग जाता है. ऐसा होने की वजह से या तो देर तक नींद नहीं आती है और अगर आ भी जाए तो आंख बार-बार खुलती रहती है. कई बार तो सुबह उठने के बाद भी ऐसा लगता है जैसे कि सोए ही नहीं हों और इसका असर पूरे दिन सुस्ती के रूप में देखने को मिलता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो समझ जाइए कि यह स्ट्रेस का ही एक संकेत है.

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पेट खराब रहना और डाइजेशन में गड़बड़ी

आपको शायद यह मालूम न हो लेकिन हमारे पेट और दिमाग का आपस में बहुत ही गहरा कनेक्शन होता है. जब भी आप टेंशन या फिर स्ट्रेस में होते हैं, तो आपका डाइजेस्टिव सिस्टम खराब हो जाता है. ऐसा होने की वजह से आप कितना भी अच्छा-भला क्यों न खा लें, आपके पेट में गैस बनने, एसिडिटी होने, खट्टी डकारें आने और बार-बार पेट खराब होने जैसी प्रॉब्लम्स होने लगती हैं. अगर बिना किसी साफ वजह के आपका पेट अक्सर खराब रहता है, तो इसकी असली वजह आपका मेंटल स्ट्रेस हो सकता है.

बात-बात पर चिढ़ जाना और काम में मन न लगना

स्ट्रेस सिर्फ हमारे शरीर को ही नहीं, बल्कि हमारे मूड और बिहेवियर को भी पूरी तरह से बदल देने की काबिलियत रखता है. अगर आपको छोटी से छोटी बातों पर भी गुस्सा आने लगा है, चिड़चिड़ापन महसूस होता रहता है या फिर किसी भी काम में फोकस करने में परेशानी हो रही है, तो यह सीधे तौर पर बढ़ते स्ट्रेस का संकेत है. जब हमारा दिमाग बहुत ही ज्यादा थक जाता है, तो उसके सोचने-समझने और फोकस करने की कैपिसिटी कमजोर हो जाती है. स्ट्रेस की वजह से आसान से आसान काम भी बहुत मुश्किल लगने लगते हैं.

हर वक्त थका-थका और लो-एनर्जी महसूस करना

अगर आप अपनी नींद भी पूरी कर रहे हैं और खाना भी बिल्कुल सही से खा रहे हैं, फिर भी आपको पूरे दिन थकावट महसूस होती रहती है, तो इसकी सबसे बड़ी वजह स्ट्रेस भी हो सकता है. जब हम मेंटली परेशान रहते हैं, तो हमारे शरीर की एनर्जी बहुत ही तेजी से खत्म होने लग जाती है. मेंटली थके होने की वजह से शरीर ढीला पड़ने लगता है और किसी भी काम को करने में हमारा मन नहीं लगता है. बहुत ज्यादा स्ट्रेस की वजह से हमें हर समय लेटे रहने की इच्छा होती रहती है.

स्ट्रेस दूर करने के लिए क्या करें?

अगर आप स्ट्रेस से बाहर निकलना चाहते हैं तो इन शुरुआती संकेतों को जरूर समझ लेना चाहिए. अगर आपको अपने शरीर में इनमें से कोई भी संकेत दिखाई दे रहा है, तो थोड़ी देर रुककर आपको खुद पर ध्यान देना चाहिए. स्ट्रेस लेवल्स को कम करने के लिए हर सुबह थोड़ी देर टहलने के लिए जाएं, लाइट एक्सरसाइज या फिर योगा करें, अपने फेवरेट गाने सुनें या फिर वो काम करें जो आपको करना अच्छा लगता है. स्ट्रेस को कम करने के लिए सबसे जरूरी यह भी है कि आप अपने दिल की बातों को किसी दोस्त, भाई-बहन या फिर अपने माता-पिता के साथ शेयर करें. जब आप अपने दिल की बातों को दबाकर रखते हैं तो इससे आपका स्ट्रेस बढ़ता है.

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By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.

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