West Nile Fever: वेस्ट नाइल फीवर क्या है? डॉक्टर से जानिए इसके लक्षण और भारत में वेस्ट नाइल बुखार का पता कब चला था?

West Nile Fever: वेस्ट नाइल वायरस आमतौर पर अफ्रीका और अमेरिका जैसे देशों में पाया जाता है. लेकिन इन दिनों भारत के केरल में इसके मरीज तेजी से मिल रहे हैं. चलिए डॉक्टर आर. के. चुतुर्वेदी जी से जानते हैं वेस्ट नाइल फीवर क्या है?

West Nile Fever: वेस्ट नाइल फीवर भारत में पांव पसार रहा है. इन दिनों केरल में सबसे अधिक इसके मरीज पाए जा रहे हैं. यह बुखार क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छरों द्वारा काटने से फैल रहा है, जो एक प्रकार का वायरस है. आज हम इस लेख में डॉक्टर आर के चतुर्वेदी जी से जानेंगे कि आखिर वेस्ट नाइल फीवर है क्या? इसके लक्षण आदि के बारे में…

वेस्ट नाइल फीवर क्या है?

डॉ. आर के चतुर्वेदी जी बताते हैं कि वेस्ट नाइल वायरस आमतौर पर अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व के क्षेत्रों और अमेरिका में पाया जाता है. भारत में बहुत कम चांस होता है कि वेस्ट नाइल फीवर के मरीज पाए जाएं. हालांकि नॉर्थ ईस्ट में कभी-कभार इसके मरीज मिल जाते हैं. इन दिनों केरल स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है. क्योंकि यहां के मलप्पुरम, कोझिकोड और त्रिशूर जिलों में वेस्ट नाइल बुखार से पीड़ित मरीज मिल रहे हैं. क्योंकि यह पर गर्मी अधिक पड़ती है और यह एक प्रकार का मच्छरों द्वारा फैलने वाला वायरस है. लेकिन यह बहुत ही खतरनाक वायरस है, क्योंकि यह ब्रेन को तुरंत अपने चपेट में लेता है जो भी हमारे शरीर में नाजुक एरिया हैं उसे यह वायरस अपने चपेट में लेता है. जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें यह बुखार होने का चांस सबसे अधिक होता है.

वेस्ट नाइल वायरस के लक्षण

अगर आप सोच रहे हैं कि वेस्ट नाइल बुखार का लक्षण क्या है तो आपको बताता दें संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार के साथ-साथ सिर में भीषण दर्द, गर्दन में अकड़न. मांसपेशियों में ऐंठन, गले में दर्द आदि सभी वेस्ट नाइल वायरस के लक्षण हैं.

वेस्ट नाइल बुखार का इलाज क्या है?

गौरतलब है कि वेस्ट नाइल बुखार का सबसे पहले का पता करने के लिए एक टेस्ट किया जाता है. हालांकि अभी तक वेस्ट नाइल वायरस के लिए लिए कोई वैक्सीन नहीं है लेकिन जो लोग इससे पीड़ित हैं उन्हें अस्पताल में भर्ती करना होगा और अंतःशिरा तरल पदार्थ और दर्द की दवा जैसे सहायक उपचार दिया जाता है.

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भारत में वेस्ट नाइल बुखार का पता कब चला था?

बता दें भारत के केरल राज्य में साल 2011 में पहली बार वेस्ट नाइल बुखार का पता चला था. जबकि मलप्पुरम के एक छह साल की लड़के की मौत साल 2019 में वेस्ट नाइल फीवर से हुआ था. इसके बाद मई साल 2022 में त्रिशूर जिले में वेस्ट नाइल से 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी. फिलहाल आपको बताते चलें कि अगर आपके शरीर में ऊपर दिए गए लक्षण के संकेत दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पाए जाएं.

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Author: Shweta Pandey

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