आयुष्मान कार्ड से हुआ घुटने का सफल ऑपरेशन, हुआ ऑर्थोस्कोपिक एसीएल रिकंस्ट्रक्शन

फोर्ड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पटना में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी एक ऐसी मर��ज का जटिल ऑपरेशन (ऑर्थोस्कोपिक एसीएल रिकंस्ट्रक्शन) किया गया जो करीब दो साल से घुटने के दर्द से परेशान थी.

  • ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. विनीत विवेक और डॉ राजा अनुराग ने किया इलाज

  • ऑर्थोस्कोपिक एसीएल रिकंस्ट्रक्शन से ठीक हुआ मरीज का घुटना

फोर्ड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पटना में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी एक ऐसी मरीज का जटिल ऑपरेशन (ऑर्थोस्कोपिक एसीएल रिकंस्ट्रक्शन) किया गया जो करीब दो साल से घुटने के दर्द से परेशान थी. पटना की रहने वाली इस महिला की उम्र 45 साल से ज्यादा थी. उन्हें घुटने में हमेशा दर्द रहता था. यही नहीं, घुटने से पिच भी बहता रहता था. इस समस्या को लेकर वह फोर्ड हॉस्पिटल पहुंची.

यहां ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. विनीत विवेक और डॉ राजा अनुराग ने उनका इलाज किया. दोनों डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मरीज का घुटना खराब हो चुका है. ऐसे में उन्होंने मरीज का ऑर्थोस्कोपिक एसीएल रिकंस्ट्रक्शन करने का फैसला किया. एसीएल में इनर क्रिएट लिगामेंट को ठीक किया जाता है. घुटने की इस सर्जरी में फटे हुए लिगामेंट को ठीक किए गए लिगामेंट से बदल दिया जाता है.

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कम समय लगता है और मरीज बहुत तेजी से रिकवर करता है. इस मरीज के साथ भी यही हुआ. मरीज बहुत जल्दी ठीक हो गयी और वापस अपने घर चली गयी. इलाज के बाद मरीज ने डॉक्टरों को तहे दिल से धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वह बहुत राहत और खुशी महसूस कर रही है. फोर्ड हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड के तहत इतनी सुविधा मिली कि जितनी उम्मीद नहीं थी.

डॉ. विनीत विवेक ने उन्हें घर जाकर नियमित तौर पर फिजियोथेरेपी व्यायाम करने और घुटनों में किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है.

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