Rheumatoid arthritis: रूमेटॉइड आर्थराइटिस के शुरुआती लक्षण और पहचान

रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शरीर की इम्यून सिस्टम जोड़ों पर हमला करती है, जिससे सूजन और दर्द होता है. यह बीमारी अक्सर महिलाओं में अधिक पाई जाती है और समय के साथ जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है. विस्तार से जानते है इसके बारे में…

Rheumatoid arthritis: रूमेटॉइड आर्थराइटिस (rheumatoid arthritis)  एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद ही शरीर के स्वस्थ जोड़ों पर हमला करती है. यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकती है.

आइए जानते हैं रूमेटॉइड आर्थराइटिस के शुरुआती लक्षण और इसे पहचानने के तरीके

1. जोड़ों में दर्द और सूजन

रूमेटॉइड आर्थराइटिस का सबसे आम लक्षण जोड़ों में दर्द और सूजन है. शुरुआत में, दर्द और सूजन छोटे जोड़ों में जैसे कि हाथ, कलाई, और पैरों के जोड़ों में होती है. धीरे-धीरे यह समस्या बड़े जोड़ों को भी प्रभावित कर सकती है.

2. सुबह के समय अकड़न

रूमेटॉइड आर्थराइटिस से पीड़ित व्यक्ति को सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न महसूस हो सकती है. यह अकड़न एक घंटे से ज्यादा समय तक बनी रह सकती है और इसे दूर करने के लिए हल्की एक्सरसाइज या गर्म पानी से सिकाई करना पड़ सकता है.

3. थकान और कमजोरी

रूमेटॉइड आर्थराइटिस के कारण व्यक्ति को बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. इस थकान का असर उनके दैनिक जीवन पर भी पड़ सकता है, जिससे वे अपने रोज़मर्रा के कामों में रुचि खो सकते हैं.

4. वजन में कमी

रूमेटॉइड आर्थराइटिस के कारण भूख में कमी हो सकती है, जिससे व्यक्ति का वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है. इस कारण से रोगी को कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

5. हल्का बुखार

कुछ लोगों को रूमेटॉइड आर्थराइटिस के कारण हल्का बुखार भी हो सकता है. यह बुखार लगातार बना रह सकता है और इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं होता.

रूमेटॉइड आर्थराइटिस की पहचान कैसे करें?

रूमेटॉइड आर्थराइटिस की पहचान करने के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षणों को समझने के बाद कुछ टेस्ट करवाते हैं. इनमें खून की जांच, रूमेटॉइड फैक्टर और C-reactive प्रोटीन (CRP)  जैसे टेस्ट शामिल हैं. इसके अलावा, X-ray  या MRI  स्कैन से भी जोड़ों की स्थिति का पता लगाया जाता है.

रूमेटॉइड आर्थराइटिस के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है ताकि समय रहते इसका इलाज शुरू किया जा सके. अगर आप इन लक्षणों में से कोई भी अनुभव करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं. सही समय पर इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और आप एक सामान्य जीवन जी सकते हैं.

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Author: Jaya Soni

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