Dengue : क्या डेंगू के इलाज में सच में मददगार होता है, बकरी का दूध? जानिए

Dengue : बदलते मौसम के साथ मच्छर जनित बीमारियां जैसे कि डेंगू और मलेरिया, चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है

Dengue : बदलते मौसम के साथ मच्छर जनित बीमारियां जैसे कि डेंगू और मलेरिया, चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है। ��ारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने की वजह से उन्हें मच्छर पनपने लगते हैं और इन्हीं के कारण डेंगू और मलेरिया जैसे बीमारियों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. मानसून में मच्छरों के बढ़ाने की वजह से सबसे ज्यादा डेंगू के मामलों में इजाफा होता है.

Dengue : Goat Milk : कितने कारगर हैं ये घरेलू उपचार

डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच कई घरेलू उपचार घरेलू उपचार चर्चा का विषय रहते हैं लेकिन इनमें से सबसे ज्यादा असरकारी बकरी का दूध माना जाता है. बकरी का दूध पीने से डेंगू की बीमारी के वक्त प्लेटलेट काउंट घटने की समस्या में आराम मिलता है. सबसे बड़ा सवाल लिया है कि क्या बकरी का दूध सच में डेंगू के इलाज में सहायक होता है या फिर यह एक प्रकार का मीथ है?

Dengue : क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों के अनुसार बकरी के दूध में एंटीबॉडीज की मात्रा ज्यादा होती है और यह हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद होता है इसमें कई पोषक तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं जैसे कि विटामिन बी 6 b12 विटामिन सी और डी के साथ फोलेट को बांधने वाले तत्व भी इसमें होते हैं. फोलेट हमारे शरीर में फॉलिकल एसिड की मात्रा को बढ़ाने में काम आते हैं. लेकिन इन सभी बातों के आधार पर यह बात पुष्ट रूप से नहीं कहीं जा सकती है कि बकरी के दूध से डेंगू का इलाज संभव है.

Dengue : डेंगू में तेजी से घटता है प्लैट्लट काउन्ट

डेंगू में कैसी बीमारी है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है और शरीर में प्लेटलेट के काउंट को भी घटना है अक्सर लोग प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने के लिए बकरी के दूध या पपीतो के पत्तों जैसे घरेलू उपाय का इस्तेमाल करते हैं लेकिन चिकित्सकों के अनुसार डेंगू के संक्रमण में उनके फायदे का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है.

बकरी के दूध में सेलेनियम की मात्रा अधिक होती है लेकिन सेलेनियम का प्लेटेड की संख्या को बढ़ाने में कोई विशेष योगदान नहीं होता है. इसीलिए वैज्ञानिकों के माने तो डेंगू के मरीजों के लिए बकरी के दूध को प्लेटलेट बढ़ाने के घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल करना किसी भी रूप में सहायक नहीं होता है.

Dengue : चिकित्सीय इलाज होता है जरूरी

डेंगू के संक्रमण होने पर लोग पपीते के पत्ते बकरी का दूध और गिलोय जैसे घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं कुछ हद तक इन घरेलू नुस्खों से आपको फायदा भी मिलता है लेकिन यह इस संक्रमण का इलाज बिल्कुल नहीं है इसीलिए अगर आपको डेंगू के कोई भी लक्षण दिखते हैं तो सबसे पहले जरूरी जांच और चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए.

इसके अतिरिक्त संक्रमण के दौरान किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे का उपयोग करने से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर ले इसके अतिरिक्त डेंगू के लक्षण गंभीर होने पर डॉक्टरों के द्वारा दी गई दावों के साथ-साथ आपको मच्छरों के काटने से बचाव करना चाहिए, अधिक पानी का सेवन, संतुलित आहार के साथ फलों का जूस, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए.

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Published by: Shreya ojha

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