पहला झारखंड हेपाटो-पैनक्रिएटो BILIARY समिट 10 और 11 जून को रांची में, देश के जाने माने डॉक्टर्स होंगे शामिल

10 और 11 जून को पहला झारखंड हेपाटो-पैनक्रिएटो BILIARY समिट 2023 का आयोजन सीसीएल के दरभंगा हाउस में होने जा रहा है. इस समिट में देश के जाने माने डॉक्टर शामिल होंगे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखण्ड उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा होंगे.

First Jharkhand Hepato Pancreato BILIARY Summit 2023: आगामी 10 और 11 जून को पहला झारखंड हेपाटो-पैनक्रिएटो BILIARY समिट 2023 का आयोजन सीसीएल के दरभंगा हाउस में होने जा रहा है. इस समिट में देश के जाने माने डॉक्टर शामिल होंगे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखण्ड उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा होंगे. इस दो दिवसीय झारखंड हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी समिट में झारखंड लीवर किडनी फाउंडेशन सहयोग कर रहा है. यह जानकारी डॉ जयंत घोष ने गुरूवार को रांची प्रेस क्लब के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में दी. उन्होंने बताया कि हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी क्या है, इसकी जानकारी लोगों के बीच नहीं है.

हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी क्या है?

हेपाटो का मतलब होता है लीवर, पैनक्रिएटो का मतलब अग्न्याशय और बिलियरी का मतलब पित्त की थैली. इससे जुड़ी बिमारियों को मेडिकल की भाषा में हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी कहते हैं. हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी में आज के दिन बहुत अधिक बीमारी का लोड बढ़ गया है. इसमें फैटी लीवर का बढ़ जाने के मामले अधिक आते हैं.

अनहेल्दी लाइफ स्टाइल के कारण बढ़ रही है बीमारी

अनहेल्दी लाइफ स्टाइल के कारण अधिकतर युवा जेनरेशन इससे प्रभावित हो रहे हैं. इससे फैटी लीवर की समस्या लगातार बढ़ रही है. काम के प्रेशर के कारण डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं. इस कारण फैटी लीवर, कैंसर की संख्या भी बढ़ रही है. लीवर कैंसर, पैनक्रिएटो कैंसर, पित्त की नली का कैंसर जैसी बीमारी लगातार बढ़ रही है, जो पूरी दुनिया के सामने चिंता का विषय बना हुआ है.

हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी पर पहली बार रांची में समिट

पूरी दुनिया हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी की चर्चा हो रही है. ऐसे में झारखंड से भी इस बीमारी पर चर्चा हो और आवाज उठे. झारखंड के डॉक्टर इस बीमारी का इलाज समय पर कर सकें. समय की मांग को देखते हुए हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी पर पहली बार रांची में समिट करने का फैसला लिया है.

मरीजों और डॉक्टरों की बीच जागरूकता फैलाना है उद्देश्य

इस समिट का मुख्य उद्देश्य मरीजों और डॉक्टरों की बीच जागरूकता फैलाना है. हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी बीमारी के इलाज में झारखंड के डॉक्टर भी योगदान दे रहे हैं. झारखंड के डॉक्टर इनसे जुड़े बीमारियों का इलाज अपने स्तर से कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल के क्षेत्र में हर बीमारियों का एडवांस इलाज होते आता है. इन सभी अपडेट से जुड़े बातों की चर्चा इस समिट में की जायेगी. देश के विभिन्न शहरों से आये एक्सपर्ट डॉक्टर इससे जुड़ी बातों को शेयर करेंगे. दिल्ली, कोलकाता, हैदाराबाद, बनारस, पटना से सीनियर डॉक्टरों की उपस्थिति रहेगी. इनमें नयी दिल्ली स्थित गंगाराम हॉस्पिटल के प्रोफेसर अनिल अरोड़ा, मैक्स साकेत के डॉ विकास सिंगला, डॉ आदेश चौधरी, डॉ अमर मुकुंद, बनारस से डॉ बीके दीक्षित, पटना से डॉ संजीव वर्मा, डॉ सौरव जायसवाल, कोलकाता से डॉ सुप्रीयो घटक, डॉ संजय मंडल, डॉ सुजीत चौधरी, हैदराबाद से डॉ मोहन राम चंदानी, प्रो जीवी राव समेत अन्य डॉक्टर का मार्गदर्शन मिलेगा.

झारखंड के डॉक्टर्स आये एक्सपर्ट से जानकारी साझा करेंगे

समिट में झारखंड के डॉक्टर्स बाहर के आये डॉक्टर से उनके विचारों को सुनेंगे और बीमारियों के इलाज को और कैसे बेहतर बनाया जाये, इसकी जानकारी साझा करेंगे. समिट के बाद आम लोगों में लीवर से जुड़ी बीमारियों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलायेंगे. साथ ही लोगों के बीच हेपाटो-पैनक्रिएटो बिलियरी से जुड़ी बीमारियों और इससे बचाव के बारे में भी जानकारी देंगे.

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लेखक के बारे में

By Anita Tanvi

Senior journalist, senior Content Writer, more than 10 years of experience in print and digital media working on Life & Style, Education, Religion and Health beat.

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