Avifavir दवा बनी दुनिया की पहली पंजीकृत एंटी कोरोना वायरल मेडिसिन, जानें कब से शुरू होगा उपचार

Russia approves anti coronavirus drug "Avifavir" कोरोना के लगातार बढ़ रहे प्रसार के बीच रूस से एक बहुत अच्छी खबर आयी है. दरअसल, रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश की पहली कोविड-19 दवा को पंजीकृत कर दिया है. ऐविफैविर (Avifavir) नाम की यह दवा रूस ही नहीं बल्कि दुनियाभर की पहली दवा बन गई है जिसे कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए सही माना गया है.

Russia approves anti coronavirus drug “Avifavir” कोरोना के लगातार बढ़ रहे प्रसार के बीच रूस से एक बहुत अच्छी खबर आयी है. दरअसल, रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश की पहली कोविड-19 दवा को पंजीकृत कर दिया है. ऐविफैविर (Avifavir) नाम की यह दवा रूस ही नहीं बल्कि दुनियाभर की पहली दवा बन गई है जिसे कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए सही माना गया है.

आपको बता दें कि रूस ने फिलहाल इस दवा को अस्थायी रूप से पंजीकृत किया है. यह दवा जापानी फ्लू ड्रग एविगन का एक सामान्य संस्करण है. ऐसा बताया जा रहा है कि यह क्लिनिकल ट्रायल में कोरोना वायरस के रोकथाम में सबसे उत्तम दवा पाया गया है. इससे पहले किसी भी देश ने कोई भी दवा को अप्रूव नहीं किया था.

गौरतलब है कि कोरोनो वायरस का प्रसार लगातार जारी है. इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को खासा धक्का लगा है. जन-जीवन भी काफी प्रभावित हुआ है. ऐसे में दुनियाभर में शोध जारी है. विभिन्न तरह की दवा कंपनियां टीके विकसित करने के लिए लगी हुई है. ऐसे में रूसी डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड (RDI) और ChemRar समूह के संयुक्त प्रयास से ऐविफैविर (Avifavir) दवा का निर्माण किया गया है.

रूसी डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड (RDI) के सीईओ, किरिल दिम्रीक ने कहा, “एविफैरवीर न केवल रूस की पहली बल्कि दुनियाभर में पहली पंजीकृत एंटी कोरोना वायरल दवा है. उनके अनुसार रूस के अस्पतालों में 11 जून से मरीजों को यह दवा दी जाएगी.

दरअसल, एविफैरवीर (Avifavir) Fujifilm Holdings Corp के एविगन का एक सामान्य संस्करण है. जिसे इसी मार्च में एक गैर चीनी संस्थान ने अध्ययन के दौरान एंटी-एचआईवी दवा से ज्यादा वायरस के रोकथाम में काफी प्रभावी पाया था.

दुनिया भर की कंपनियां इसका उत्पादन करने पर विचार कर रही हैं, जिसमें ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स वर्तमान में भारत में तीसरे चरण की क्लिनिकल ट्रायल तैयारी में है. उम्मीद लगाई जा रही है जुलाई में इसकी शुरुआत हो सकती है.

कोविड-19 के रोकथाम हेतु जापानी एंटीवायरल दवा एविगन के परीक्षण पर कार्य कर रहे प्रमुख शोधकर्ता योहेई डोई का कहना है कि दवा काम करती है या नहीं रोगियों पर लगातार टेस्ट किया जा रहा है.

वहीं, जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के अनुसंधान केंद्र के अनुसार, दुनियाभर में रूस संक्रमणों के मामले में तीसरी पायदान पर है. रविवार तक रूस में मामले 4,05,000 से अधिक हो गए है जबकि यहां 4,693 मृत्यु की सूचना है जो बाकि देशों के मुकाबले कम है.

Posted By: Sumit Kumar Verma

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