कहीं आप भी तो नहीं है Coronavirus के इन 6 नए लक्षणों के शिकार

6 new symptoms of Coronavirus अलग-अलग देशों में कोरोना ने अपना अलग लक्षण दिखाया है. इसके संक्रमण से बेहाल अमेरिका ने छह नये लक्षणों के बारे में बताया है. देश के स्वास्थ्य एवं मावनीय सेवा विभाग के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इसकी जानकारी दी है.

6 new symptoms of Coronavirus अलग-अलग देशों में कोरोना ने अपना अलग लक्षण दिखाया है. इसके संक्रमण से बेहाल अमेरिका ने छह नये लक्षणों के बारे में बताया है. देश के स्वास्थ्य एवं मावनीय सेवा विभाग के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इसकी जानकारी दी है.

आपको बता दें कि भारत के प्रसिद्ध कोरोना वायरस एप्प आरोग्य सेतु में भी इस वायरस के संक्रमण के तीन ही लक्षण बताए गए है, जिसमें सूखी खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत शामिल है. जबकि नए खुलासे के अनुसार इसके छह लक्षण बताए जा रहे है. ऐसे में यह चिंता का विषय तो है ही साथ-साथ जानकारी का विषय भी है. तो आईये जानते हैं उन छह लक्षणों के बारे में जिससे लोग संक्रमित हो सकते है या हो रहे है.

सर्दी-खांसी और बुखार के अलावा अगर आपको

– बहुत ज्यादा ठंड लगे,

– ठंड के साथ कंपकंपी लगे,

– मांसपेशियों में दर्द हो तो या

– सिर में दर्द हो या

– गले में खरास और

– स्वाद या गंध का पता नहीं चल पाए

तो इसे कोरोना संक्रमण का लक्षण माना जा सकता है. ऐसे लक्षण दिखते ही इसे मलेरिया या आम बीमारी मानकर नजरअंदाज करने की भूल न करें. बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मावनीय सेवा विभाग के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन विभाग के अनुसार छह और लक्षणों को जोड़ दिया जाए तो कुल नौ लक्षण मरीज में पाए जा रहे है. हालांकि, भारत समेत अन्य देशों में ऐसे लक्षण वाले मरीज नहीं पाए गए है. एक्सपर्ट की मानें कोरोना वायरस अलग-अलग देशों में अगल-अलग लक्षणों के साथ पाया जा रहा है.

हाल ही में स्पेन के डॉक्टरों ने एक दावा किया था किया कि कोरोना संक्रमित लोगों के पैरों पर बैंगनी रंग के घावों को पाया जा रहा है. आमतौर पर ये घाव छोटे बच्चे और टीनएजर्स में देखे जा रहे हैं. यह घाव चिकनपॉक्स की तरह दिखते हैं. जिसके बाद अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी खबर छापी थी कि संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. सुब्रमण्यम स्वामीनाथन ने कहा है कि इटली में कम से कम 20% रोगियों में इस तरह के लक्षण मिले हैं. इसके अलावा फिनलैंड, स्पेन, अमेरिका और कनाडा के डॉक्टरों ने भी रोगियों में ऐसे घाव पाए हैं.

आपको बता दें कि कोरोना से बचाव का एक मात्र इलाज है सोशल डिस्टेंसिंग और इसे मात देने के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट की भी दरकार है.

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Author: sumitkumar1248654

Published by: Prabhat Khabar

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