एक ही फिल्म सेट, खाने के तीन स्टॉल... कहीं 60 रुपये की प्लेट तो कहीं 500, आखिर किसे मिलता है क्या?

फिल्म और टीवी सेट पर लंच टाइम में क्या होता है? कैमरे के पीछे की कहानी जानें क्रू के लेवल और बजट के हिसाब से खाने का सिस्टम बदल जाता है.

सुबह से शूटिंग चल रही है. कैमरा वही है, स्टार वही हैं और सेट पर काम करने वाली पूरी टीम भी वही. लेकिन जैसे ही लंच का वक्त होता है, सेट की तस्वीर बदल जाती है.

खाने के लिए एक नहीं, तीन अलग-अलग स्टॉल लगे हैं.

एक तरफ महंगे meal का counter. दूसरी तरफ उससे कम budget वाला खाना. और तीसरी तरफ basic plate.

आखिर एक ही सेट पर खाने के लिए इतनी अलग व्यवस्था क्यों?

यहीं से शुरू होती है फिल्म और TV की दुनिया की वह कहानी, जो कैमरे पर दिखाई नहीं देती. सेट पर किसके लिए कितना फूड बजट है, किसकी प्लेट में क्या जाएगा और किसके लिए कौन सा काउंटर होगा, यह कई प्रोडक्शन हाउस में क्रू के लेवल और बजट के हिसाब से तय होता है.

करीब एक दशक से फिल्म, TV और commercial shoots में catering service दे रहे श्रीकांत धोंडीराम ने ‘प्रभात खबर’ को इस पूरे फूड सिस्टम की अंदरूनी तस्वीर बताई है.

60 रुपये से 500 रुपये तक. TV set पर ऐसे बंटती है plate

श्रीकांत के मुताबिक कई TV productions में crew को A, B और C category में बांटकर खाने का budget तय किया जाता है.

Crew A में lead actors और production team.

Crew B में side actors, hair-makeup और junior artists.

Crew C में spot boys और daily-wage workers.

और इसी के साथ बदल जाती है plate की कीमत.

  • Crew A की plate करीब 250 से 500 रुपये तक जाती है.
  • Crew B की 140 से 200 रुपये
  • Crew C की 60 से 120 रुपये तक.

यानी एक ही सेट पर कोई 500 रुपये का meal खा रहा है, तो किसी की पूरी plate 100 रुपये के आसपास है.

श्रीकांत के मुताबिक इसी लेवल के हिसाब से कई बार फूड स्टॉल्स और सर्विंग काउंटर्स भी अलग लगाए जाते हैं.

40 रुपये का नाश्ता, 120 रुपये का lunch

अब सवाल है कि इन अलग-अलग plates में आता क्या है?

श्रीकांत बताते हैं कि breakfast का बजट करीब 40 से 60 रुपये रहता है. Menu रोज बदलता है. कभी समोसा, कभी पोहा, मिसल पाव या चीला.

60 से 120 रुपये के lunch और dinner में आमतौर पर दो सब्जियां, दाल, चावल और salad होता है.

जैसे ही plate का budget 150 रुपये के ऊपर जाता है, menu में variety बढ़ने लगती है और non-veg options भी शामिल हो जाते हैं.

यानी budget बढ़ता है, तो plate के साथ menu भी बदल जाता है.

TV का खाना सबसे basic?

तीनों तरह के शूट्स में food quality की बात करें तो श्रीकांत TV catering को सबसे basic बताते हैं.

उनके मुताबिक कई टीवी सेट्स पर खाना mess से भी खराब quality का होता है. इसकी एक वजह लंबे shooting schedules भी हैं. Daily soaps में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के लिए खाना तैयार करना होता है. ऐसे में प्रोडक्शन के लिए फूड एक लगातार चलने वाला खर्च है.

फिल्मों में location के साथ बदल जाता है खाना

फिल्मों का food system TV से थोड़ा अलग है. श्रीकांत के मुताबिक फिल्मों की shooting तीन से पांच महीने तक चल सकती है. इस दौरान location बदलती रहती है और उसके साथ catering का इंतजाम भी बदल जाता है. कहीं hotel से खाना आता है, तो कहीं dedicated caterer पूरी unit के लिए menu तैयार करता है.

कुछ खास productions में पूरी unit के लिए एक जैसा खाना भी रखा जाता है. श्रीकांत Salman Khan के shoots का उदाहरण देते हैं. उनके मुताबिक वहां खाना सभी के लिए एक जैसा हो सकता है, लेकिन प्राइवेसी के लिए काउंटर्स अलग रखे जाते हैं.

यानी खाना एक, counter अलग.

हालांकि ज्यादातर productions में crew के level के हिसाब से खाने में अंतर होने की बात भी सामने आती है.

Commercial shoot में 2000 रुपये तक की plate

अब आते हैं advertisement shoots पर. यहां तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है. श्रीकांत के अनुसार commercial shoot में एक plate का budget 2000 रुपये तक पहुंच सकता है.

Commercial shoots आमतौर पर एक या दो दिन के होते हैं. इसलिए production food पर ज्यादा खर्च कर सकता है. यहां पूरी unit के लिए एक जैसा premium spread भी रखा जाता है.

श्रीकांत के मुताबिक food quality इतनी अच्छी होती है कि कई B-list actors और models भी ऐसे shoots को पसंद करते हैं.

यानी TV का 60 से 120 रुपये वाला basic meal और commercial shoot का 2000 रुपये तक का premium spread. दोनों एक ही industry में मौजूद हैं.

Shoot छोटा हुआ, तो कई बार plate बड़ी हो गई.

लेकिन caterer की अपनी plate कितनी भारी है?

सेट पर खाना पहुंचाने वाले caterers के लिए यह business उतना आसान नहीं है. श्रीकांत बताते हैं कि करीब एक दशक काम करने के बावजूद उनकी catering fees में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई. उनका कहना है कि market में कंपीटिशन इतना ज्यादा है कि कुछ लोग 60 रुपये से भी कम में खाना सप्लाई कर रहे हैं. इसके साथ payment का दबाव भी है.

उनके मुताबिक एक-दो प्रोडक्शन हाउस को छोड़ दें तो ज्यादातर जगहों से payment आने में छह महीने तक लग जाते हैं.

“मुझे करीब पांच लाख रुपये तक का नुकसान हो चुका है. बेहद unprofessional रवैया रहा है. लेकिन market में किसी का नाम लो तो contract मिलना बंद हो जाता है. हमारा दर्द सुनने वाला कोई नहीं है.”

अब सेट के खाने पर FDA की नजर

शूटिंग सेट पर food quality और hygiene को लेकर सवाल ऐसे समय में उठ रहे हैं जब FWICE ने महाराष्ट्र FDA से shooting locations पर खाने की quality और hygiene की जांच की अपील की है.

अब सेट के खाने पर FDA की नजर

शूटिंग सेट पर food quality और hygiene को लेकर सवाल ऐसे समय में उठ रहे हैं जब FWICE ने महाराष्ट्र FDA से shooting locations पर खाने की quality और hygiene की जांच की अपील की है.

फेडरेशन के चेयरपर्सन बीएन तिवारी इस पूरे मामले पर हमसे कहते हैं, यह कदम किसी एक शिकायत के बाद नहीं उठाया गया है. उन्हें लगातार workers की ओर से खाने को लेकर complaints मिल रही हैं.

तिवारी कहते हैं, 'हम लगातार food की quality को लेकर complaints सुन रहे हैं. कोई कहता है कि चावल में सोडा मिलाया जाता है, तो किसी की शिकायत है कि दाल पानी जैसी होती है और उसमें कंकड़ तक मिलते हैं. किसी ने food poisoning की भी शिकायत की है.'

तिवारी का कहना है कि वह लंबे समय से क्रू के बीच खाने को लेकर होने वाले इस फर्क को खत्म करना चाहते हैं.

“मैं चाहता हूं कि सेट पर सबको एक समान और hygienic खाना provide किया जाए. वर्कर्स की सेहत से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”

यानी सेट पर खाने की कहानी सिर्फ 60 रुपये और 2000 रुपये की plate के बीच का फर्क नहीं है. अब सवाल यह भी है

जो खाना मिल रहा है, वह कितना साफ और सुरक्षित है?



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लेखक के बारे में

By नेहा वर्मा

Neha Verma is an entertainment journalist with over 11 years of experience in Bollywood and digital journalism. She has worked with leading media brands including Aaj Tak, Navbharat Times and Dainik Jagran, reporting on celebrities, films, television and the wider entertainment industry. Known for her exclusive stories and breaking news coverage, she has worked in both Delhi and Mumbai. She currently heads the Entertainment section at Prabhat Khabar Digital.

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