Raju Srivastava Died: राजू श्रीवास्तव कभी महज 50 रुपये में करते थे शो, जानें गजोधर भैया का अब तक का सफर

राजू श्रीवास्तव का 52 साल की उम्र में निधन हो गया है. कॉमेडियन 42 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. आज हम आपको उनके जीवन के संघर्ष के बारे में बताएंगे. कभी राजू श्रीवास्तव ने केवल 50 रुपये में शो किया करते थे. राजू श्रीवास्तव ने बताया था कि वह केवल जॉनी लिवर को देखकर खुद को संभालते थे.

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का निधन हो गया है. पिछले कुछ महीनों से वो अस्पताल में भर्ती थे. राजू को जिम में एक्सरसाइज के दौरान दिल का दौरा पड़ा था. कॉमेडियन के जल्द ठीक होने की प्रार्थना उनके चाहने वाले कर रहे थे. हालांकि उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके परिवार वालों पर दुख का पहाड़ टूट गया है. राजू श्रीवास्तव कॉमेडी के बेताज बादशाह रहे हैं. देश में स्टैंड-अप कॉमेडी का जनक राजू श्रीवास्तव को माना जाता है. आइये उनके संघर्ष की कहानी पर एक नजर डालें.

ऑटो ड्राइवर थे राजू श्रीवास्तव

राजू श्रीवास्तव का जन्म 25 दिसंबर 1963 को कानपूर में हुआ था. माया नगरी मुंबई में राजू श्रीवास्तव आये तो थे अपने सपनों को साकार करने के लिए. लेकिन उन्हें शुरुआती दिनों काफी संघर्ष करना पड़ा था. उनके पास पैसों की कमी हो गयी और उन्हें शुरुआती दिनों में अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ऑटो चलाना पड़ा. हालांकि ऑटो चलाने के बाद भी उन्होंने अपना पहला प्यार कॉमेडी को जारी रखा. ऑटो चलाने के दौरान उनकी किस्मत ने अचानक करवट ली और उन्हें कॉमेडी शो से बुलावा आया. वहीं से राजू श्रीवास्तव की जिंदगी बदल गयी. उन्होंने वापस पीछे मुड़कर नहीं देखा. डीडी नेशनल चैनल में उन्हें शो करने का मौका मिला. फिर उन्होंने ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज पर हिस्सा लिया और उपविजेता बने. यहीं से गजोधर भैया का भी जन्म हुआ.

एक शो के मिलते थे केवल 50 रुपये

राजू श्रीवास्तव ने एक साक्षात्कार में कहा था कि शुरुआती दिनों में उन्होंने मुंबई में काफी संघर्ष किया था. एक शो करने के उन्हें केवल 50 रुपये मिलते थे. उस दौर में कॉमिडियन की ज्यादा पूछ नहीं होती थी. राजू श्रीवास्तव ने बताया था कि वह केवल जॉनी लिवर को देखकर खुद को संभालते थे. एक दिन उनकी जिंदगी बदलेगी. उन्होंने साक्षात्कार में बताया था कि एक शो करने के लिए उन्हें केवल 50 रुपये मिलते थे.

कई बॉलीवुड फिल्मों में नजर आये राजू श्रीवास्तव

राजू श्रीवास्तव ने कई हिंदी फिल्मों में भी काम किया. उन्होंने सबसे पहले 1988 में तेजाब में काम किया. उसके बाद 1981 में मैंने प्यार किया. 1993 में बाजीगर और मिस्टर आजाद में काम किया. उसके बाद 1994 में अभय, 2001 में आमदनी अठन्नी खर्चा रुपइया, 2002 में वाह! तेरा क्या कहना, 2003 में मैं प्रेम की दीवानी हूं. 2006 में विद्यार्थी: द पावर ऑफ स्टूडेंट्स, 2007 में बिग ब्रदर और बॉम्बे टू गोवा, 2010 में भावनाओं को समझो और बारूद: द फायर – अ लव स्टोरी’ और आखिरी फिल्म 2017 में टॉयलेट: एक प्रेम कथा में नजर आये.

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राजनीति में भी राजू श्रीवास्तव ने कदम रखा

राजू श्रीवास्तव ने अभिनय के साथ-साथ राजनीति में भी कदम रखा. 2014 लोकसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी ने कानपुर सीट से उतारा. लेकिन उन्होंने इसलिए टिकट वापस कर दिया क्योंकि उन्हें पार्टी के स्थानीय इकाइयों से पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है. हालांकि 19 मार्च 2014 को वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बनाया.

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By Ashish lata

आशीष लता हिंदी डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार और कंटेंट स्ट्रेटेजिस्ट हैं. पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में उन्हें 8 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है. फिलहाल वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर और एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर काम कर रही हैं. यहां वह बॉलीवुड, टेलीविजन, ओटीटी, वेब सीरीज, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और प्रीमियम डिजिटल कंटेंट पर फोकस करती हैं.

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पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने प्लस न्यूज से की, जहां बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स तैयार कीं. फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के इंटरव्यू भी किए. इसके बाद उन्होंने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दीं.

शिक्षा

आशीष लता ने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग, रिसर्च और जर्नलिज्म के 5Ws + 1H सिद्धांतों पर उनकी मजबूत पकड़ है. यही वजह है कि उनका कंटेंट भरोसेमंद, संतुलित और पाठकों के लिए उपयोगी माना जाता है.

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