Rajpal Yadav: कॉमेडी के लिए मशहूर राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ को लेकर फिर चर्चा में हैं. सालों पुराने इस मामले पर अब उन्होंने खुलकर बात की है. राजपाल का कहना है कि उनके खिलाफ जो कहानी गढ़ी गई, वो पूरी सच्चाई नहीं थी. अब वह खुद सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं.
20-22 करोड़ में बनी थी फिल्म
राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि ‘अता पता लापता’ को बनाने में करीब 20 से 22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. उनका कहना है कि यह कोई छोटा प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि बड़े स्तर पर बनाई गई फिल्म थी. उन्होंने आरोप लगाया कि माधव गोपाल ने उन्हें झूठ बोलकर फंसाया और फिल्म की छवि को नुकसान पहुंचाया. राजपाल के मुताबिक, यह मामला फ्रॉड या लोन डिफॉल्ट का नहीं था, बल्कि गलत नीयत के कारण पैदा हुआ विवाद था.
रिलीज से पहले बिगड़ा मामला
राजपाल ने बताया कि फिल्म में 10 से 12 लोगों ने निवेश किया था. लेकिन म्यूजिक लॉन्च के बाद से ही दिक्कतें शुरू हो गईं. उनका आरोप है कि रिलीज से ठीक एक दिन पहले फिल्म को रोक दिया गया. हाई कोर्ट में यह दिखाया गया कि उन्होंने लोन लिया था, जबकि राजपाल का कहना है कि यह गलत नैरेटिव था. प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्हें ‘फ्रॉड’ बताया गया और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में उनकी छवि खराब हो गई.
24 घंटे के भीतर उतर गई फिल्म
राजपाल यादव का कहना है कि उन्होंने पीवीआर में 1000 से 1200 स्क्रीन बुक की थीं, लेकिन फिल्म 200 स्क्रीन तक भी नहीं पहुंच सकी. रिलीज डेट आगे बढ़ानी पड़ी और थिएटर में आने के 24 घंटे के भीतर फिल्म उतर गई. करीब एक साल बाद उन्हें फिल्म बेचने की अनुमति मिली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
अब क्लिप्स से दिखाएंगे सच्चाई
राजपाल ने साफ किया कि वह फिल्म के राइट्स बेचने के मूड में नहीं हैं. बल्कि वह 50 से 100 क्लिप्स सोशल मीडिया पर शेयर करेंगे, ताकि लोग खुद देख सकें कि फिल्म पर कितना पैसा लगा था. उन्होंने बताया कि शूटिंग 76 दिनों तक चली और फिल्म में 2500 असली कलाकारों ने काम किया, कोई CGI नहीं था. उनका कहना है कि अब लोग खुद तय करें कि पैसा कहां और कैसे खर्च हुआ.
यह भी पढे़ं: Laughter Chefs 3: गरम तेल में फ्राई हो गईं अली की उंगलियां, इंस्टा पोस्ट हुआ वायरल
