Exclusive: कुछ समय के लिए ओटीटी ही प्राथमिकता है- गौतम रोडे

वेब सीरीज नकाब में नज़र आ रहे अभिनेता गौतम रोडे ने अपने आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बात की. साथ ही वेब सीरीज नकाब में अपने किरदार को लेकर भी कई खुलासे किए.

टेम्पल ऑफ सीज के बाद अभिनेता गौतम रोडे एमएक्स प्लेयर की वेब सीरीज नकाब में नज़र आ रहे हैं. गौतम कहते हैं कि एक एक्टर के तौर हम चाहते हैं कि हम अलग अलग लोगों के साथ अलग अलग माध्यम में काम करें ताकि हमें सीखने का मौका मिले. वही हो रहा है इसलिए मौजूदा दौर से खुश हूं. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत.

नकाब ने एक एक्टर के तौर किन चुनौतियों से आपको रूबरू करवाया?

पहली बार पुलिस का किरदार निभा रहा हूं लेकिन अच्छी बात सबसे ये है कि बहुत ही लेयर्ड किरदार है. एंग्री मैन है।कैसे हर चीज़ में उसको ना कहते हुए हां कहना पड़ता है. आमतौर पर अगर हीरो पुलिस है तो वो किसी भी गलती करने वाले को छोड़ता नहीं है फिर चाहे वह बड़ा नेता हो या पुलिस कमिश्नर लेकिन हकीकत में क्या होता है. ये हम सभी को पता है तो ये सीरीज और किरदार हकीकत के बहुत करीब है.

इस सीरीज में आपकी संवाद अदाएगी काफी अलग है?

हम एक्टर्स के लिए सुर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. मुझे मेरे इस किरदार के लिए निर्देशक शौमिक सेन ने सुर दिया है. शौमिक जिस तरीके से बात करता है. बोलते बोलते कई बार वो मुंह में ही बोल देता है लेकिन समझ नहीं आता है. मुझे लगा कि मैंने ऐसे तो कभी नहीं किया है चलो करता हूं. ये किरदार के साथ जाएगा भी. बिना बताए मैं उसको फॉलो करता रहा और जब मैंने शॉट दिया उसके बाद मैंने पूछा कि तुम्हे इसमें अपनी झलक नज़र आयी फिर हमदोनों मुस्कुराने लगे.

सीरीज में आप एंग्री मैन हैं,असल जिंदगी में भी आपको गुस्सा आता है?

मैं शार्ट टेम्पर्ड हूं. मुझे गुस्सा जल्दी आता है और ठंडा भी बहुत जल्दी होता हूं. मेरा गुस्सा बाहर वालों पर कम अपने लोगों पर थोड़ा ज़्यादा निकल जाता है. बड़ी बड़ी बातों के लिए नहीं छोटी छोटी चीज़ें मुझे गुस्सा दिलाती है. अगर मैंने अपने स्टाफ को कोई सामान रखने को बोला और वो भूल जाते हैं तो मुझे गुस्सा आ जाता है लेकिन फिर सब समझ आता है कि ज़्यादा ही बोल दिया तो गले लगाकर उनसे बात कर लेता हूं. सालों से वे मेरे साथ काम कर रहे हैं.

पत्नी पंखुड़ी किस तरह से आपको डील करती है?

वो बोलने लगती है कि ज़्यादा हो रहा है. चुप हो जाओ. शुरू होने वाला है. वो पत्नी है तो सबकुछ जानती है. मैंने उसको बोल कर रखा है कि जब भी लगे कि ज़्यादा हो रहा है तो तुम मुझे टोक देना. अब थोड़ा मैं कंट्रोल में रहता हूं. मैं कायदे वाला इंसान हूं. अपने वादे का पक्का हूं फिर चाहे मुझे उसे निभाने में नुकसान ही क्यों ना हो.

सीरीज में आपके अलावा मल्लिका शेरावत और ईशा गुप्ता भी हैं क्या ओवर शैडो होने का डर था?

जब आपने स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी होती है . जब आपको अपने किरदार के बारे में पता नहीं होता है. मैं बिना पढ़े स्क्रिप्ट किसी भी प्रोजेक्ट को हां नहीं कहता हूं तो कोई दिक्कत नहीं होती है. दोनों बहुत ही नार्मल और जमीन से जुड़ी हुई लड़कियां हैं. हमारा सेट पर किसी भी तरह का कोई पंगा नहीं होता है. नार्मल तरीके से हम एक दूसरे के साथ काम करके निकल गए.

हाल ही में रोनित रॉय ने कहा कि उन्हें कभी भी किसी प्रोजेक्ट के लिए ऑडिशन नहीं देना पड़ा है क्या आप ऑडिशन देने में यकीन करते हैं?

मैं ऑडिशन देने में यकीन करता हूं. शूटिंग के दिन मेकर सिर पकड़कर बैठ जाए कि भाई हमने सोचा था कि ये कर लेगा लेकिन नहीं कर पा रहा है तो भाई मुझे नहीं चाहिए. आप अपनी तसल्ली कर लो. मुझे पीठ पीछे बातें नहीं सुननी कि गलती हो गयी.

आपकी प्राथमिकता क्या अब ओटीटी ही है?

कुछ समय के लिए ओटीटी ही एक्सप्लोर करना चाहता हूं देखता हूं कहां तक पहुंचता हूं. थोड़ी फिल्में,थोड़े एड वीडियोज,थोड़ा टीवी,थोड़ी एंकरिंग कर ली है. रेडियो जॉकी बनना रह गया है. किसी फिल्म के किरदार में बन जाऊंगा.

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लेखक के बारे में

Author: कोरी

Published by: Prabhat Khabar

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