Daayra Trailer Review: बिना गाने के भी फीका पड़ा क्राइम-सस्पेंस, करीना-पृथ्वीराज जैसे दो सुपरस्टार भी नहीं जगा पाए ‘Wow’ फैक्टर

करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की ‘Daayra’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. बिना गाने के इसे इंटेंस बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन क्राइम-सस्पेंस वाला रोमांच और दोनों सुपरस्टार्स का स्क्रीन इम्पैक्ट फीका नजर आया. मेघना गुलजार से उम्मीदें फिर भी कायम हैं.

Daayra Trailer: जब हम कोई क्राइम ड्रामा का ट्रेलर देखते हैं, तो उम्मीद करते हैं कि वो हमें बांध ले, है ना? कहानी में ऐसा सस्पेंस हो कि ट्रेलर खत्म होने के बाद भी दिमाग में सवाल घूमता रहे. आखिर हुआ क्या है? आगे क्या होने वाला है? और सबसे जरूरी, फिल्म देखने की उत्सुकता पैदा हो. लेकिन ‘Daayra’ का ट्रेलर देखने के बाद फिलहाल यह उत्सुकता उतनी मजबूत नजर नहीं आती.

मेघना गुलजार की इस फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन दो पुलिस अफसरों के किरदार में हैं. कहानी का आधार ऐसा है, जहां दो Cops के बीच Conflict और एक Crime की परतें दिलचस्प सस्पेंस पैदा कर सकती थीं. लेकिन ट्रेलर में यह टकराव उतनी मजबूती से उभरकर सामने नहीं आता.

बिना गाने के इंटेंस बनाने की कोशिश

‘Daayra’ के ट्रेलर की एक खास बात यह है कि इसमें एक भी गाना नहीं है. फिल्म को पूरी तरह Crime Drama के टोन में रखने की कोशिश की गई है. जाहिर तौर पर मकसद कहानी को ज्यादा गंभीर और इंटेंस रखना है.

लेकिन सिर्फ गाने न होने से ट्रेलर में तनाव पैदा नहीं होता. उसके लिए कहानी और किरदारों के बीच ऐसा Conflict चाहिए, जो दर्शक को बांधे रखे. यहां ट्रेलर उस स्तर की बेचैनी पैदा नहीं कर पाता.

दो सुपरस्टार, लेकिन स्क्रीन पर नहीं दिखी वह बात

करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन दोनों ही अपनी-अपनी इंडस्ट्री के बड़े नाम हैं. ऐसे में दोनों को पुलिस अफसर के रूप में आमने-सामने देखना अपने आप में दिलचस्प होना चाहिए था. लेकिन ट्रेलर में दोनों की मौजूदगी वैसा प्रभाव छोड़ती नजर नहीं आती, जिसकी उम्मीद इस जोड़ी से की जा सकती थी.

खासकर दो पुलिस अफसरों के बीच का Conflict कहानी का अहम हिस्सा है. अगर उनके तरीकों, सोच और फैसलों के बीच टकराव को ज्यादा उभारकर दिखाया जाता, तो ट्रेलर का असर काफी अलग हो सकता था.

डायलॉग भी नहीं छोड़ते खास असर

क्राइम ड्रामा में डायलॉग भी माहौल बनाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. एक मजबूत लाइन पूरी कहानी का टोन सेट कर सकती है. ‘Daayra’ के ट्रेलर में डायलॉग तो हैं, लेकिन फिलहाल कोई ऐसी लाइन सुनाई नहीं देती जो ट्रेलर खत्म होने के बाद याद रह जाए या कहानी को लेकर जिज्ञासा बढ़ाए.

यही वजह है कि ट्रेलर में कई जरूरी चीजें होने के बावजूद वह वह असर नहीं छोड़ पाता, जिसकी उम्मीद एक बड़े स्टारकास्ट और मेघना गुलजार की फिल्म से होती है.

मेघना गुलजार से उम्मीदें फिर भी कायम

हालांकि ट्रेलर को देखकर पूरी फिल्म को जज करना जल्दबाजी होगी. मेघना गुलजार की फिल्मों से उम्मीदें इसलिए भी रहती हैं क्योंकि वह गंभीर विषयों और किरदारों को अपनी खास संवेदनशीलता के साथ पेश करती रही हैं.

संभव है कि फिल्म में कहानी की वे परतें हों, जिन्हें जानबूझकर ट्रेलर में सामने नहीं रखा गया हो. हो सकता है कि सिनेमाघर में ‘Daayra’ का असर ट्रेलर से कहीं ज्यादा मजबूत साबित हो.

फिलहाल इतना जरूर है कि बिना गाने के फिल्म को इंटेंस बनाने की कोशिश साफ नजर आती है. लेकिन ट्रेलर उस इंटेंसिटी को दर्शक तक पूरी तरह पहुंचाने में कामयाब नहीं हो पाता. क्राइम-सस्पेंस से जिस ‘आगे क्या होगा?’ वाली जिज्ञासा की उम्मीद होती है, वह यहां कुछ फीकी पड़ती दिखाई देती है.

‘Daayra’ 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. अब असली परीक्षा फिल्म की होगी कि क्या वह ट्रेलर की इस कमी को कहानी और परफॉर्मेंस के दम पर पूरा कर पाती है.

ये भी पढ़ें- Mirzapur The Movie: बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं Kaleen Bhaiya, रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड से पास हुई फिल्म, जानिए कितने लगे कट?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नेहा वर्मा

Neha Verma is an entertainment journalist with over 11 years of experience in Bollywood and digital journalism. She has worked with leading media brands including Aaj Tak, Navbharat Times and Dainik Jagran, reporting on celebrities, films, television and the wider entertainment industry. Known for her exclusive stories and breaking news coverage, she has worked in both Delhi and Mumbai. She currently heads the Entertainment section at Prabhat Khabar Digital.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >