जब बहन लता मंगेशकर के निधन पर टूट गई थीं आशा भोसले, कही थी ये दिल तोड़ने वाली बात

बहन लता मंगेशकर के निधन के बाद आशा भोसले बेहद भावुक हो गई थीं. उन्होंने बहन को याद करते हुए बहुत इमोशनल बात कही थीं. आइए आपको उस बारे में बताते हैं.

दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार (12 अप्रैल) को निधन हो गया. उन्हें शनिवार (11 अप्रैल) की शाम मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें चेस्ट इंफेक्शन और थकान की शिकायत थी. डॉ. प्रतीत समदानी ने पीटीआई को बताया कि उनका निधन मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण हो गया. दिलचस्प बात यह है कि उनकी बहन और दिग्गज गायिका लता मंगेशकर का निधन भी 92 साल की उम्र में ही हुआ था. दोनों बहनों की उम्र एक जैसी थी, दोनों का निधन रविवार को हुआ और दोनों ने कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली. अब आशा भोसले की एक पुरानी बात लोगों को और ज्यादा भावुक कर रही है. लता मंगेशकर के निधन के कुछ समय बाद उन्होंने खुद को हिंदी फिल्म संगीत का आखिरी मुगल कहा था.

लता मंगेशकर को याद करते हुए भावुक हुई थीं आशा भोसले

रियलिटी शो डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स सीजन 5 के दौरान आशा भोसले ने अपने दौर के गायकों को याद किया था. उन्होंने बताया था कि कैसे एक-एक करके उस दौर की आवाजें कम होती चली गईं. उन्होंने किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, मुकेश और गीता दत्त जैसे महान गायकों के जाने का जिक्र करते हुए कहा था कि अब वह पूरा दौर धीरे-धीरे खत्म हो चुका है. लता मंगेशकर की याद में भावुक होते हुए उन्होंने कहा था कि लता दीदी अक्सर उनसे कहा करती थीं- “अब हम दोनों ही आखिरी मुगल बचे हैं.” लता मंगेशकर के निधन के बाद आशा भोसले ने भावुक होकर कहा था- “उस दिन मैंने कहा था, ‘तू भी चली गई… अब उस जमाने की मैं ही आखिरी हूं.’” उन्होंने आगे कहा था- “मैंने 1943 में अपना पहला गाना गाया था और आज तक गा रही हूं. अब आखिरी मुगल मैं ही हूं.”

शुरुआती जीवन और परिवार

आशा भोसले का जन्म आशा मंगेशकर के रूप में महाराष्ट्र के सांगली जिले के गोआर गांव में हुआ था. सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने गणपत राव भोसले के साथ घर से भागकर शादी कर ली थी. यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और 1960 में दोनों अलग हो गए. इसके बाद उन्होंने अपने तीन बच्चों की परवरिश अकेले की. उनके बेटे हेमंत का 2015 में निधन हो गया, जबकि बेटी वर्षा का 2012 में देहांत हुआ. सबसे छोटे बेटे आनंद ने आगे चलकर उनके करियर को संभाला. बाद में साल 1980 में उन्होंने मशहूर संगीतकार आर डी बर्मन से शादी की.

करियर की शुरुआत और सफलता

उन्होंने 1940 के दशक में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की. शुरुआत में वह छोटे प्रोजेक्ट्स के लिए गाने गाती थीं, लेकिन 1950 और 1960 के दशक में उन्हें पहचान मिली. फिल्म ‘नया दौर’ (1957) से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला. इसके बाद उन्होंने कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई.

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By Divya Keshri

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