Lights Camera Lies Movie Review: “लाइट्स, कैमरा, लाइज” से उभरा एक नया सितारा

Lights Camera Lies Movie Review: आचिन्त्य राजावत स्टारर 'लाइट्स, कैमरा, लाइज' ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो चुकी है. दिनेश सुदर्शन सोई की ओर से निर्देशित और निर्मित फिल्म का रिव्यू सामने आ गया है.

फिल्म: लाइट्स, कैमरा, लाइज

किरदार: आदी

कलाकार: आचिन्त्य राजावत

निर्देशक: दिनेश सुदर्शन सोई

रिलीज: 1 जुलाई 2025

स्ट्रीमिंग: अमेजन प्राइम वीडियो, शॉर्ट्स टीवी नेटवर्क

स्टार- 3

Lights Camera Lies Movie Review: “आदी” का किरदार जितना मजबूत है, उतना ही जटिल भी. यह न सिर्फ शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिका थी, बल्कि इसमें एक आंतरिक पीड़ा, द्वंद्व और भावनात्मक परतें भी थीं और इन्हें जीवंत किया

एक अभिनय यात्रा की शुरुआत

हालांकि आचिन्त्य इससे पहले कुछ मंच और डिजिटल प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं, लेकिन “लाइट्स, कैमरा, लाइज़” ने उन्हें एक अलग मुकाम पर पहुंचा दिया है. उन्होंने इस किरदार में जिस आत्मविश्वास, शारीरिक दृढ़ता और इमोशनल कंट्रोल का परिचय दिया, वह किसी अनुभवी कलाकार से कम नहीं था.

किरदार “आदी” में आचिन्त्य की ताकतें

फिल्म के एक्शन दृश्यों में आचिन्त्य की मार्शल आर्ट ट्रेनिंग और फिटनेस झलकती है. उन्होंने स्टंट और फाइट सीक्वेंसेज़ में प्रोफेशनल लेवल का परफॉर्मेंस दिया.

इमोशनल डेप्थ

एक्शन के बीच “आदी” की आंतरिक पीड़ा, ग़ुस्सा, डर और दया जैसे इमोशन्स को जिस गहराई से आचिन्त्य ने निभाया है, वह उन्हें एक्टिंग की नई पीढ़ी का दमदार प्रतिनिधि बनाता है.

स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी

उनकी आंखों में जो सच्चाई दिखती है, वही दर्शकों को जोड़े रखती है. उनका डायलॉग डिलीवरी स्टाइल सहज और प्रभावी है.

क्या कहते हैं समीक्षक और दर्शक?

 “आचिन्त्य राजावत ने साबित किया कि वो सिर्फ एक्टर न दर्शकों की प्रतिक्रिया हीं, एक कलाकार हैं.‘आदी’ जैसे किरदार में कोई अनुभवी एक्टर होता, तो भी उतना प्रभावित नहीं करता जितना आचिन्त्य ने किया.” – फिल्म समीक्षक

करियर पर प्रभाव

इस फिल्म ने आचिन्त्य को इंडस्ट्री में एक संभावनाशील लीड एक्टर के रूप में स्थापित कर दिया है. उन्हें वेब सीरीज़, शॉर्ट फिल्मों और यहां तक कि फीचर फिल्मों के लिए भी ऑफर मिलने शुरू हो गए हैं. उनका इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर फैन बेस लगातार बढ़ रहा है और फिल्ममेकर्स की नजरें अब इस प्रतिभाशाली नवोदित सितारे पर हैं.

भविष्य की संभावनाएं

अगर आचिन्त्य इसी समर्पण और लगन के साथ काम करते रहे, तो वह जल्दी ही बड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों में नजर आ सकते हैं. “लाइट्स, कैमरा, लाइज़” उनके करियर की वह छलांग बन चुकी है, जिसने उन्हें उभरते कलाकार से उम्मीदों के सितारे में बदल दिया है.

निष्कर्ष

आचिन्त्य राजावत ने यह सिद्ध किया है कि अभिनय में उम्र या अनुभव से ज़्यादा जरूरी है समर्पण, तैयारी और ईमानदारी. “लाइट्स, कैमरा, लाइज” उनके करियर की नींव नहीं, बल्कि उनकी उड़ान की शुरुआत है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Lata

आशीष लता, प्रभात खबर.कॉम में एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं. फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी बड़ी खबरों को ब्रेक करने से लेकर बेबाक विश्लेषण और ट्रेंडिंग रिपोर्टिंग में इनकी खास पहचान है. इनका लेखन फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, कलाकारों के इंटरव्यू और गॉसिप अपडेट्स तक फैला हुआ है. मनोरंजन की दुनिया को दर्शकों की नब्ज के हिसाब से सरल और रोचक अंदाज में पेश करना इनकी विशेषता है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >