Jahnvi Kapoor: बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर के टैलेंट मैनेजमेंट में बदलाव की खबर इन दिनों चर्चा में है. उन्होंने धर्मा कॉर्नरस्टोन एजेंसी (DCA) को छोड़कर कलेक्टिव आर्टिस्ट नेटवर्क का दामन थाम लिया है. इस फैसले के बाद फिल्ममेकर करण जौहर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड पर खुलकर बात की.
तेजी से बदल रही है इंडस्ट्री की सोच
करण जौहर ने HT से बातचीत में कहा कि आज के दौर में कलाकार जल्दी पहचान और सफलता हासिल करना चाहते हैं. सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण उन्हें हर दिन लगातार आकलन और आलोचना का सामना करना पड़ता है. ऐसे में टैलेंट एजेंसी बदलना अब असामान्य नहीं रह गया है, बल्कि इंडस्ट्री का हिस्सा बन चुका है.
उन्होंने माना कि इस तरह के दबाव का असर कलाकारों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है. करण के अनुसार, “लगातार खुद के बारे में पढ़ना और सुनना किसी के लिए भी मानसिक रूप से थकाने वाला हो सकता है. ऐसे में सलाह और थेरेपी की जरूरत महसूस होती है.”
एजेंसी बदलना बन गया है ट्रेंड
जाह्नवी कपूर अकेली नहीं हैं जिन्होंने यह कदम उठाया है. इससे पहले रणवीर सिंह और परिणीति चोपड़ा जैसे कलाकार भी अपने मैनेजमेंट में बदलाव कर चुके हैं. करण जौहर ने इसे एक ‘साइकिल’ बताते हुए कहा कि कलाकार आते-जाते रहते हैं और कभी-कभी वापस भी लौटते हैं.
धर्मा टैलेंट को मिलेगी प्राथमिकता
करण जौहर ने साफ किया कि बतौर प्रोडक्शन हाउस वह हमेशा सही कलाकार को ही फिल्म के लिए चुनेंगे, भले ही वह किसी भी एजेंसी से जुड़ा हो. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि धर्मा से जुड़े टैलेंट को प्राथमिकता देना स्वाभाविक है.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टैलेंट मैनेजमेंट एक चुनौतीपूर्ण और ‘थैंकलेस जॉब’ है, क्योंकि लंबे समय तक निवेश के बाद भी कलाकार कभी भी नई दिशा चुन सकते हैं.
मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर
करण ने इंडस्ट्री में बढ़ते दबाव को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत बताई. उनका मानना है कि आज के कलाकारों के लिए सही मार्गदर्शन और सपोर्ट सिस्टम बेहद जरूरी हो गया है.
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