मुंबई : रीमा जी की मौत उस दौर का अंत है, जहां मां का किरदार फिल्मों में एक अहम उपस्थिति दर्शाता रहा है. पिछले तीन दशक पर नजर डालें, तो उनसे बेहतरीन ऑन स्क्रीन मां कोई और नहीं हो सकती. यही वजह है कि वह हर बड़े स्टार की मां का किरदार परदे पर निभा चुकी थीं. मैंने खुद उनके साथ 13 से अधिक फिल्मों में काम किया है.
उनकी खास बात यह थी कि मां के किरदार को भी उन्होंने विविधतापूर्ण निभाया. मैंने प्यार किया, हम आपके हैं कौन, कल हो न हो या वास्तव फिल्म में मां की भूमिका उन्होंने अलग-अलग शेड्स के जरिये परिभाषित किया है. वह थिएटर बैक ग्राउंड से आती थीं. उन्होंने कई बार यह बात कही कि थिएटर में विजया मेहता से सईं परांजपे तक, कई निर्देशकों के साथ काम किया और हर निर्देशक से उन्होंने कुछ नया सीखा.
उन्हें अपने क्राफ्ट में महारत हासिल थी, लेकिन सेट पर वह एकदम सहज होती थी. आप कोई भी बात उनसे बिना हिचके कह सकते थे. जैसे ‘एक बार और टेक ले लें’ या फिर ‘चलिए चाय पी लेते हैं’, यह उनसे कहना बड़ा आसान था. वह इसे बड़े सहज अंदाज में स्वीकार करती थीं. उनमें एक बड़े कलाकार होने का दंभ नहीं था. ‘मैंने प्यार किया’ के वक्त सलमान और मैं काफी युवा थे. हम सेट पर बहुत मस्ती और जोक किया करते थे. वह भी हमारे जोक पर हंसती थीं. मेरे साथ सुखद बात यह भी रही कि हम पड़ोसी भी थे. मेरी पत्नी की भी वह अच्छी दोस्त थीं.
रीमा लागू का फिल्मी सफर
1958 में पैदा हुईं रीमा ने करीब चार दशक तक अभिनय किया. उन्होंने मराठी रंगमंच से अपने करियर की शुरुआत की थी. ‘कयामत से कयामत तक’ में उन्होंने सबसे यादगार भूमिका निभायी थी. वह फिल्मों में सलमान खान, शाहरख खान, गोविंदा, माधुरी दीक्षित की मां बनीं. ‘साजन’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘हम साथ साथ हैं’, ‘दीवाना मस्ताना’, ‘प्रेम ग्रंथ’ एवं ‘हिना’ उनकी प्रमुख फिल्में हैं. वह ‘नामकरण’ धारावाहिक में अभिनय कर रही थीं.
वह ऐसी प्रतिभाशाली अभिनेत्री थीं, जिन्होंने फिल्म एवं टीवी जगत पर अमिट छाप छोडी. मैं उनके निधन से दुखी हूं और गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.
नरेंद्र मोदी ,प्रधानमंत्री.
रीमा लागू के निधन का स्तब्ध करने वाले का समाचार अभी पता चला. वह एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री थीं, जिन्होंने कम उम्र में हमें अलविदा कह दिया.
अमिताभ बच्चन, अभिनेता
