मुंबई: मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने शकील नूरानी द्वारा दायर आपराधिक धमकी की शिकायत के मामले में अदालत में पेश नहीं होने को लेकर अभिनेता संजय दत्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. लेकिन अब खबरें हैं कि संजय दत्त का अरेस्ट वारंट कैंसिल हो गया है. दत्त ने कोर्ट में अपनी गैर-मौजूदगी को लेकर कोर्ट में एप्लीकेशन दी थी. जिसके बाद इस एप्लीकेशन को एक्सेप्ट करते हुए उनके अरेस्ट वारंट को कैंसिल कर दिया.
नूरानी ने अपनी शिकायत में कहा था है कि दत्त ने उनके द्वारा निर्मित फिल्म ‘जान की बाजी’ वर्ष 2002 में बीच में ही छोड़ दी थी. शिकायत में निर्माता ने कहा है कि अभिनेता ने उनको किये गये धन के भुगतान को वापस तक नहीं किया. नूरानी ने इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) से संपर्क किया, जिसने दत्त को रुपये लौटाने का निर्देश दिया. इसके बाद आईएमपीपीए के आदेश के क्रियान्वयन की मांग को लेकर उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया.
निर्माता ने आरोप लगाया कि इसी दरम्यान उनको अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुछ लोगों के धमकी भरे फोन आने लगे, जिन्होंने उनसे मामला वापस लेने की मांग की. इससे पहले भी मामले को लेकर अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण दत्त के खिलाफ वारंट जारी किया गया था लेकिन तब उनको जमानत मिल गयी थी.
