जानिये, एआईबी रोस्ट पर क्या कहते हैं शाहरुख

नयी दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान एआईबी रोस्ट को लेकर मचे विवाद में किसी पक्ष से नहीं बोलना चाहते क्योंकि उनका मानना है कि हास्य एक मुश्किल कला है जिसमें लोगों से अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं मिलती हैं. रोस्ट में करण जौहर, रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर जैसे सेलेब्रिटी स्टार की मौजूदगी के बारे […]

नयी दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान एआईबी रोस्ट को लेकर मचे विवाद में किसी पक्ष से नहीं बोलना चाहते क्योंकि उनका मानना है कि हास्य एक मुश्किल कला है जिसमें लोगों से अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं मिलती हैं.

रोस्ट में करण जौहर, रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर जैसे सेलेब्रिटी स्टार की मौजूदगी के बारे में पूछने पर अभिनेता ने कहा कि वह हास्य में यकीन रखते हैं लेकिन लोगों का मनोरंजन करते समय वह अपने शब्दों को लेकर भी संजीदा रहते हैं.शाहरुख ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो हमेशा से हास्य में यकीन रखता रहा है. सालों बाद यदि मेरा हास्य विनोद का गुण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ तो भी यह कम जरुर हो गया है.
मैंने इसपर काबू करना सीख लिया है क्योंकि जब यह हास्य का रुप अख्तियार करता है तो इसमें एक महीन रेखा होती है. जिस पर हमेशा से तीखी प्रतिक्रियाएं होती हैं, या तो आप उन पर हंसते हैं या फिर उन्हें नापसंद करते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आप एक लोकप्रिय अभिनेता बन जाते हैं तो लोग आपको सुनते हैं.. इसलिए आपको इस पर ध्यान देने की जरुरत होती है और यहां मैं सिर्फ अपनी बात कर रहा हूं. इससे कई मुद्दे और सवाल खडे होंगे और मैं किसी का पक्ष नहीं ले सकता.’’
इस महीने की शुरुआत में रोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा और लतीफों पर लोगों द्वारा विरोध किए जाने के बाद यूट्यूब के ऑनलाइन समूह को इस वीडियो को हटाना पडा था. शाहरुख खान (49) ने कहा कि चुनने की आजादी हमेशा लोगों के पास रही है.
उन्होंने कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की आजादी हमेशा से रही है और यह आपको ही चुनना होता है. मैंने हमेशा से कहा है कि यदि मुझे कुछ नापसंद है तो मैं उसे नहीं देखता. कोई भी आपको जबर्दस्ती नहीं दिखाता है लेकिन यदि आपको यह नहीं पसंद और फिर भी आपने इसे देखा तो आप उसे जाने दें.
मैंने भी ऐसी कई फिल्में देखी हैं जो मुझे पसंद नहीं थीं लेकिन इसके लिए मैं उस व्यक्ति पर आरोप नहीं लगा सकता जिसने इसे बनाया.’’उन्होंने कहा कि ‘‘आज के मीडिया की खूबसूरती भी यही है कि चुनने का अधिकार आपके पास है. क्या देखना है क्या नहीं देखना यह आपके हाथ में है. लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि मैं इस तथ्य से अवगत हूं कि मुझे खुद पर नियंत्रण रखने की जरुरत है. लेकिन दूसरे क्या करते हैं, कैसे करते हैं और क्यों करते हैं, इस पर मैं बयान देने के योग्य नहीं हूं.’’

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