संजय दत्‍त ने नहीं किया ''सरेंडर'', वापस पहुंचे घर...

संजय दत्‍त की छुट्टियां मुश्किल में पड़ गई है. न तो वे जेल ही जा पाये और न ही उनकी छुट्टी मंजूर हो पाई. दरअसल संजय ने छुट्टी बढ़ाने के लिए अर्जी दी थी, लेकिन उनकी अर्जी से जुड़ी फाइल अचानक गायब हो गई. छुट्टिया नामंजूर होने के कारण उन्‍हें वापस जेल पहुंचना था पर […]

संजय दत्‍त की छुट्टियां मुश्किल में पड़ गई है. न तो वे जेल ही जा पाये और न ही उनकी छुट्टी मंजूर हो पाई. दरअसल संजय ने छुट्टी बढ़ाने के लिए अर्जी दी थी, लेकिन उनकी अर्जी से जुड़ी फाइल अचानक गायब हो गई. छुट्टिया नामंजूर होने के कारण उन्‍हें वापस जेल पहुंचना था पर फाइल गायब हो गई तो वे घर वापस लौट आये और अब फाइल के मिलने का इंतजार कर रहे हैं.

आपको बता दें कि 24 दिसंबर को संजय 14 दिन की फरलो पर जेल से बाहर आये थे. इसके बाद 28 दिसंबर को फिर संजय दत्‍त ने दोबारा 14 दिन की फरलो की अर्जी दी. लेकिन अब अर्जी के दस दिन बाद यह चखबर आई है कि फरलो से जुड़ी फाइल गायब हो गई है. अब संजय दत्‍त जेल में रहेंगे या घर पर इस पर संस्‍पेंस बना हुआ है.

संजय दत्‍त के वकील ने जेल प्रशासन से यह गुजारिश की है उन्‍हें 24 घंटे में यह जानकारी दी जाये कि उनकी याचिका मंजूर की गई या नहीं. महाराष्‍ट्र गुहमंत्रालय के अनुसार संजय दत्‍त ने 28 दिसंबर को फरलों याचिका दी थी. वहीं यरवडा जेल का कहना है कि 2 जनवरी को यह फाइल पुलिस के पास वैरिफिकेशन के लिए भेज दी गई थी, लेकिन मुबंई पुलिस का कहना है कि उनके पास कोई ऐसी फाइल आई ही नहीं.

अब खुद महाराष्‍ट्र सरकार का यह कहना है कि इस मामले में जरूर कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है. अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि ये महज एक लापरवाही है या फिर किसी की साजिश. वहीं संजय दत्‍त की छुट्टियों पर मुसीबत बनी हुई है. अब तो जांच के बाद ही पता चल पायेगा कि गड़बड़ी कहां और कैसे हुई ?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >