मुंबई : फिल्म निर्माता कबीर खान का कहना है कि दक्षिणपंथ द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को हथियाना और इतिहास के साथ छेड़छाड़ करना उन्हें चिंतित करता है और धार्मिक चश्मे से इतिहास को देखना खतरनाक है.
उन्होंने कहा कि यह ‘दुर्भाग्यपूर्ण समय’ है क्योंकि नई तरह की बातें चलाई जा रही है और एक निश्चित विचारधारा के लिए इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है.
पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में फिल्मनिर्माता ने कहा कि बादशाहों की धार्मिक पहचान अब कैसे बातचीत का हिस्सा बन गई है. उन्होंने कहा, ‘‘मुगल अब अचानक से आक्रांता हो गए और ‘मुगलों की धार्मिक पहचान’ अब…इसका सामना करें. वो लड़ाइयां धर्म के बारे में नहीं बल्कि क्षेत्रों के बारे में थीं.”
खान ने कहा, ‘ वो दिल्ली चाहते थे, आप दिल्ली चाहते थे और कई बार आप और वो दिल्ली से उतनी ही दूरी पर थे, दोनों ही इसके लिए गए. कभी वह जीते और कभी आप. लेकिन यह धर्म के बारे में कभी नहीं था.’
उन्होंने बाबर का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने किसी राजपूत युवराज को नहीं बल्कि इब्राहिम लोदी को हराकर दिल्ली पर कब्जा किया था. खान ने कहा, ‘ लोदी ने सत्ता किससे ली? तुगलक से. उन्होंने खिलजी से ली और यह हजारों साल तक चलता रहा. उनकी लड़ाई के पीछे धर्म कभी आधार नहीं रहा. मध्यकालीन इतिहास में राजा क्षेत्र चाहते थे और उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता था कि सामने वाला हिंदू, मुस्लिम या ईसाई है.”
उन्होंने कहा, ‘ अब इन लड़ाइयों को दोबारा पेश किया जा रहा है और इसे धर्मों की लड़ाई बताया जा रहा है जो कि खतरनाक है और इतिहास के साथ घातक छेड़छाड़ है.” अमेजन प्राइम पर खान की वेब सीरीज ‘द फॉरगॉटन आर्मी’ आ रही है जो कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी पर है. ‘द फॉरगॉटन आर्मी’ 24 जनवरी से अमेजन प्राइम पर ऑनलाइन प्रसारित होगी.
