अनकही कहानियों की विरासत आगे बढ़ाने का लक्ष्य : भारतबाला

मुंबई : फिल्म निर्माता भारतबाला अपनी सर्वाधिक महत्त्वाकांक्षी परियोजना ‘’वर्चुअल भारत” के माध्यम से भारत की अनकही कहानियों की विरासत को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं. ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ जैसे बहुचर्चित एवं लोकप्रिय एलबम देने वाले फिल्म निर्माता भारतबाला अब अपने ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. उनका यह ड्रीम […]

मुंबई : फिल्म निर्माता भारतबाला अपनी सर्वाधिक महत्त्वाकांक्षी परियोजना ‘’वर्चुअल भारत” के माध्यम से भारत की अनकही कहानियों की विरासत को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं. ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ जैसे बहुचर्चित एवं लोकप्रिय एलबम देने वाले फिल्म निर्माता भारतबाला अब अपने ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट देश की 1,000 अनकही और सच्ची लघु कहानियों का एक संग्रह है.

उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिए गए साक्षात्कार में बताया कि,’ यह परियोजना उनके पिता के लिए श्रद्धांजलि है. उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे. देश से जुड़ी कहानियों को दुनिया के सामने लाने की प्रेरणा भी भारतबाला को अपने पिता से ही मिली.’

साल 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आधिकारिक गीत ‘जियो उठो बढ़ो जीतो’ संगीत वीडियो का निर्देशन करने वाले भारतबाला का मानना है कि जब कलाकार सांस्कृतिक रूप से सार्वभौमिक कहानियों को बयान करना चाहते हैं, तब वह भारतीय कहानियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं.

‘‘वर्चुअल भारत” के माध्यम से भारतबाला भारतीय संस्कृति, लोक-साहित्य, कला संगीत समेत भारत के विविध पहलुओं को दिखाना चाहते हैं. भारतबाला ने कहा ‘‘मैं चाहता हूं कि जब कोई ये फिल्में देखे तो उसे भारतीय होने पर और भारतीय संस्कृति के बारे में गर्व महसूस हो.”

इन फिल्मों की समयावधि 10 मिनट से कम होगी. ऐसी तीन फिल्में … यूट्यूब पर अपनी मौजूदगी पहले ही दर्ज करा चुकी हैं. इनमें से दो ‘‘थालम” और ‘‘हालदार नाग” हैं. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर पांच कड़ियों वाली एक श्रृंखला भी इनका ही हिस्सा है.

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