महिला केंद्रित फिल्में बनाना समय की मांग है : ‘लव सोनिया'' के निर्माता

नयी दिल्ली : फिल्म ‘लव सोनिया’ के निर्माता डेविड वोमार्क का कहना है कि फिल्में समाज का आईना होती हैं और इसलिए आज के दौर में मजबूत महिला किरदारों वाली फिल्में प्रासंगिक हो रही हैं. #मीटू अभियान को एक वर्ष पूरे होने वाले हैं और फिल्‍मकार ने इसे बहुत अच्छा और फलदायी बताया. वोमार्क ने […]

नयी दिल्ली : फिल्म ‘लव सोनिया’ के निर्माता डेविड वोमार्क का कहना है कि फिल्में समाज का आईना होती हैं और इसलिए आज के दौर में मजबूत महिला किरदारों वाली फिल्में प्रासंगिक हो रही हैं. #मीटू अभियान को एक वर्ष पूरे होने वाले हैं और फिल्‍मकार ने इसे बहुत अच्छा और फलदायी बताया. वोमार्क ने एक साक्षात्कार में कहा कि जब बड़े बदलाव होते हैं तो फिल्म निर्माण समाज को प्रतिबिंबित करता है.

उन्‍होंने आगे कहा,’ अगर आप 70 के दशक का देखेंगे तो वियतनाम की जंग, अमेरिकी फिल्म निर्माण में हिप्पी, धूम्रपान, स्वतंत्रता, विचारों की स्वतंत्रता आदि की क्रांति आई हुई थी और अब हम अन्य बड़े बदलावों से गुजर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मैंने ‘एनएच-10′ देखी और मुझे वह काफी पसंद आई. एक्शन फिल्म में एक महिला को किसी को मारते देखना मजेदार था क्योंकि यह अलग और व्यावसायिक फिल्म थी. लेकिन मुझे लगता है कि महिला केंद्रित फिल्में देखना काफी प्रेरणादायक है. यह प्रासंगिक, प्रभावी और सफल है.

‘लव सोनिया’ का निर्देशन तबरेज़ नूरानी ने किया है. यह एक सत्य घटना से प्रभावित है. यह एक ग्रामीण युवती की कहानी है जो अपनी बहन को बचाने के प्रयास में वैश्चिक वेश्या व्यापार में फंस जाती है. मृणाल ठाकुर इससे अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने जा रही हैं. रियो सिसोदिया इसमें उनकी बहन की भूमिका में नजर आएंगी, उनकी भी यह पहली फिल्म है.‘लव सोनिया’ शुक्रवार, 14 सितंबर को रिलीज हुई है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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