कभी स्‍कूल नहीं गये थे ''वडाली ब्रदर्स'', जानें 8 खास बातें...

सूफी गायिकी के महारथी वडाली ब्रदर्स की जोड़ी में से एक प्‍यारेलाल वडाली का अमृतसर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. सूफियाना गायकी के लिए दुनियाभर में मशहूर प्‍यारेलाल अपने भाई पूरणचंद के साथ गाते थे. उनकी जोड़ी ने दुनियाभर में एक अलग ही मुकाम बनाया था. प्‍यारेलाल पिछले कुछ समय से […]

सूफी गायिकी के महारथी वडाली ब्रदर्स की जोड़ी में से एक प्‍यारेलाल वडाली का अमृतसर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. सूफियाना गायकी के लिए दुनियाभर में मशहूर प्‍यारेलाल अपने भाई पूरणचंद के साथ गाते थे. उनकी जोड़ी ने दुनियाभर में एक अलग ही मुकाम बनाया था. प्‍यारेलाल पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे.

प्‍यारेलाल वडाली ने अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में आखिरी सांस ली. प्यारेलाल वडाली के जाने से सूफी संगीत की दुनिया को भारी नुकसान हुआ है. पिछले साल दोनों भाईयों ने मध्‍य प्रदेश के जबलपुर और भोपाल शहरों में प्रस्‍तुति दी थी. जानें वडाली ब्रदर्स के बारे में8 खास बातें…

1. वडाली ब्रदर्स का जन्‍म अमृतसर (पंजाब) में हुआ था. प्‍यारेलाल वडाली गायक के साथ-साथ रेसलर भी थे. उन्‍होंने 25 साल तक कुश्‍ती की. प्‍यारेलाल गांव की रासलीला में कृष्‍ण का रोल अदा कर घर में पैसे देते थे.

2. दोनों भाइयों में से कोई भी पढ़ाई के लिए स्‍कूल नहीं गये. संगीत उनकी रगों में दौड़ता था. उनके पिता ठाकुर दास वडाली ने बड़े भाई पूर्णचंद को संगीत सीखने को कहा. इसलिए उन्‍होंने पंडित दुर्गादास और पटियाला घराना के उस्‍ताद बड़े गुलाम अली खान से संगीत की शिक्षा ली.

3. प्‍यारेलाल वडाली ने बड़े भाई से संगीत के गुण सीखे थे. पिता ने ही संगीत में उनकी दिलचस्‍पी जगाई थी. प्‍यारेलाल ने अपने एक कार्यक्रम में बताया था कि पिता के मार्गदर्शन और अनुशासन की बदौलत आज हमें इतना मान-सम्‍मान मिला है और लोग दूर-दूर से हमे सुनने आते हैं.

4. वडाली ब्रदर्स का मानना था कि इनदिनों आ रहे सूफी गानों में मिठास की कमी है. अपने एक इंटरव्यू में उन्‍होंने कहा था,’ आज के दौर में 5 मिनट में लचर गीत लिखने की होड़ मची है. इसीलिए सूफी गीत के नाम पर जो सुनने को मिलता है उसमें मिठास नहीं होती.

5. मध्‍य प्रदेश में ही मीडिया को दिये अपने एक इंटरव्‍यू में बताया था, जब गायकी शुरू की थी तो दो भाईयों के गाने का बड़ा चलन था. मैंने सोचा कि मैं और प्‍यारे भी साथ मिलकर गायेंगे. प्‍यारेलाल मुझसे 13 साल छोटा है. मैंने उसे तैयार किया और तबसे हम गा रहे हैं.

6. वडाली ब्रदर्स ने अपने करियर की शुरुआत जालंधर के हरबल्‍लाह टेंपल में अलग-अलग तरह के गीत गाकर की थी. दोनों यहां काफियान, गज़ल और भजन गाया करते थे.

7. साल 2003 में उन्‍होंने बॉलीवुड में इंट्री की. उन्‍होंने फिल्‍म ‘पिंजर’ का गीत ‘दर्दा मारेया’ गाया. इसके अलावा उन्‍होंने ए रंगरेज मेरे (तनु वेड्स मनु), चेहरा मेरे यार का (धूप) और तू ही तू ही (मौसम) जैसे गाने गाये हैं.

8. डाली ब्रदर्स को उनके काम के लिए साल 1992 में संगीत नाटक अकादमी का प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया. वहीं उन्‍हें 1998 में उन्हें तुलसी अवॉर्ड दिया गया था.

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