Teachers Day 2026 PM Modi: शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से मुलाकात की. इस दौरान पीएम ने शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को ज्यादा स्क्रीन टाइम और नशे जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक करें.
शिक्षक ने बताया एक मजेदार किस्सा
पीएम मोदी (PM Modi) से बातचीत के दौरान एक शिक्षक ने बताया कि वो अपने क्लास में स्टूडेंट्स को इंटरव्यू लेना सिखाती हैं. इस पर पीएम ने सवाल किया कि फिर तो वो बच्चे घर जाते ही अपने माता-पिता का इंटरव्यू लेते होंगे. इस पर उस शिक्षक ने कहा कि जी हां बच्चे घर जाकर सभी फैमिली मेंबर का इंटरव्यू लेते हैं. इस महिला शिक्षक ने कहा कि मेरे क्लास का हर बच्चा रिपोर्टर बनना चाहता है. इस पर पीएम समेत वहां मौजूद सभी शिक्षक हंसने लगें.
शिक्षकों से पीएम मोदी ने मांगा पब्लिक स्पीकिंग का सुझाव
पीएम मोदी ने खुद एक शिक्षक से पब्लिक स्पीकिंग को बेहतर बनाने के सुझाव मांगे. एक शिक्षक ने कहा कॉन्फिडेंस और रेगुलर प्रैक्टिस को बेहतर करके आप एक अच्छे वक्ता बन सकते हैं. हालांकि, जब वे बता रही थीं तो पहले थोड़ा घबराईं. फिर उन्होंने पीएम से कहा कि आपका Aura यानी कि ऊर्जा देखकर मेरा खुद का कॉन्फिडेंस गड़बड़ा गया. इस पर पीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या अच्छा वक्ता बनने के लिए Aura नहीं होना चाहिए तो टीचर ने कहा कि हां होना चाहिए और वो हंस पड़ीं. बाकी शिक्षक भी हंस पड़े.
बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम चिंता का विषय
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मोबाइल और दूसरी डिजिटल डिवाइस का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए एक तरह की लत बन सकता है. ऐसे में शिक्षकों की भूमिका सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें बच्चों को स्क्रीन से बाहर की दुनिया से भी जोड़ना चाहिए.
पीएम मोदी ने बच्चों को स्पोर्ट्स, क्रिएटिव एक्टिविटी और दूसरे इंटरेस्टिंग कामों से जोड़ने पर जोर दिया. उनका कहना था कि बच्चों को ऐसी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिससे उनका समय सिर्फ स्क्रीन पर न बीते.
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं शिक्षक
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं, इसलिए वे उनकी आदतों और व्यवहार में होने वाले बदलावों को समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
किताबों से आगे बढ़कर बच्चों को समझें
पीएम मोदी ने शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि बच्चों की जिज्ञासा, रचनात्मकता और छिपी प्रतिभा को पहचानना भी शिक्षक की जिम्मेदारी है. बच्चों के साथ ऐसा जुड़ाव होना चाहिए कि वे अपनी बात खुलकर रख सकें.
उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के बचपन और उनकी जिज्ञासा को बनाए रखने पर भी जोर दिया. पीएम मोदी के मुताबिक, शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा में अच्छे मार्क्स हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों के पर्सनालिटी का बेहत विकास करना है. पीएम ने कहा कि हो सकता है आपके कक्षा में कोई बच्चा ऐसा हो जिसका मन पढ़ाई में नहीं लगता हो. ऐसे बच्चों के पास भी कोई-न-कोई टैलेंट होता है, उनके अंदर की क्रिएटिविटी को निखारें.
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