Yoga Day Special Story: 21 जून को हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर आज हम आपको एक ऐसी जुनूनी महिला की कहानी बताएंगे, जिन्होंने अपनी प्राइवेट नौकरी को गुडबाय कह दिया और फुल टाइम योगा ट्रेनर बन गईं. हम बात कर रहे हैं रजिस्ट्रर्ड योगा ट्रेनर श्रुति जैन (Shruthi Jain) की. श्रुति की कर्म भूमि बेंगलुरु है यानी कि वे बेंगलुरु के लोगों को योगा सिखाती हैं.
प्राइवेट नौकरी को छोड़ बनीं योगा ट्रेनर
श्रुति ने मुंबई के NMiMS से MBA की डिग्री ली है. इसके बाद वे कॉपोर्रेट सेक्टर से जुड़ गईं. लेकिन हमेशा से वे हेल्थ और फिटनेस एक्टिविटी को लेकर काफी एक्टिव थीं. वे फिटनेस इंडस्ट्री से इस कदर आकर्षित हुईं कि उन्होंने अपनी मोटी सैलरी वाली कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी.
पिता से मिली प्रेरणा
श्रुतिा को दौड़ने की प्रेरणा अपने पिता से मिली, जो रोज सुबह टहलने (Morning Walk) पर जाया करते थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उकने पिता इस काम को लेकर कभी लापरवाही नहीं की. पिता के साथ टहलते-टहलते श्रुति रनिंग करने लगीं और यहीं से उनका इंटरेस्ट रनिंग में जगा.
15 सालों से रनिंग और 12 सालों से योग सीखा रही हैं श्रुति
श्रुति के लिए रनिंग किसी बेसिक डेली रूटीन जैसा हो गया है. वे करीब 15 सालों से लगातार, रोज-रोज रनिंग कर रही हैं. वे कई मैराथन में शामिल हो चुकी हैं. इनमें सबसे नामी और मशहूर बॉस्टन मैराथन है. इसी के साथ वे करीब 12 सालों से योग सीखा रही हैं.
| वर्ष | प्रतियोगिता |
|---|---|
| 2018 | टाटा मुंबई मैराथन |
| 2018 | टाटा स्टील 25K |
| 2018 | एयरटेल हाफ मैराथन |
| 2018 | TCS वर्ल्ड 10K |
| 2018 | श्रीराम प्रॉपर्टीज बेंगलुरु मैराथन |
| 2018 | बेंगलुरु 10K चैलेंज |
| 2018 | बेंगलुरु अल्ट्रा रन एंड प्राइड रन |
सोशल मीडियाा पर हजारों की संख्या में फॉलोअर्स
श्रुति ने अपने घर से ही योग सिखाना शुरू किया था. देखते-ही-देखते स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने लगीं. अब तो श्रुति सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों से कनेक्ट करती हैं. इंस्टाग्राम पर उनके करीब 31 हजार के करीब फॉलोअर्स हैं. वहीं कई रील्स पर हजारों में व्यूज रहते हैं.
एक्टिव रहने के लिए जरूरी है योग
श्रुति ब्लड सर्कुलेशन, स्ट्रेंथ और दिमाग को शांत रखने के लिए योग को बहुत जरूरी मानती हैं. उनका मानना है कि सुबह में योग करने से शरीर में एक अलग तरह की एनर्जी मिलती है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया के जरिए कई योगासन बताती हैं. श्रुति की कहानी से उन लोगों को प्रेरणा मिलती है जो अपनी नौकरी छोड़कर कुछ अलग या अपने इंटरेस्ट की चीजें करना चाहते हैं. उन्होंने दिखाया दिया कि बड़ा रिस्क लेने पर ही बड़ी कामयाबी मिलती है.
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