फर्जी UPSC टॉपर देने में बिहार दूसरे नंबर पर, इस राज्य से निकले सबसे ज्यादा फेक IAS

UPSC 2025 Fake Toppers: यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा के रिजल्ट को इस बार कई विवादों में देखा गया. रिजल्ट जारी होते ही एक के बाद नाम ऐसे आते गए जिन्होंने UPSC क्रैक करने का दावा किया. इस बार 7 केस ऐसे आए हैं जिसमें फर्जी UPSC Topper होने का दावा किया गया. फर्जी दावा करने में बिहार राज्य दूसरे स्थान पर रहा है.

UPSC 2025 Fake Toppers: यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा कहलाती है. इस साल UPSC में 958 कैंडिडेट्स पास हुए हैं. UPSC की तरफ से रिजल्ट के साथ-साथ सेलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स के नाम, रोल नंबर और रैंक भी जारी होते हैं. इन डिटेल्स के बाद भी 7 ऐसे केस सामने आए जिनमें मिलते जुलते नाम के चलते यह दावा किया गया कि वो ही पास हुए हैं.

यूपीएससी फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद कहीं नाम का कन्फ्यूजन हुआ तो कहीं जानबूझ के वाहवाही बटोरने की कोशिश की गई. कई मामले ऐसे देखे गए जहां पास होने का दावा करने के बाद जश्न भी मनाया गया और मोहल्ले भर में मिठाईयां भी बांटी गईं. ऐसे में आइए देखते हैं किस राज्य के कितने इस तरह के मामले आए हैं.

UPSC 2025 Fake Toppers: बिहार से दो नाम

बिहार की गिनती सबसे ज्यादा UPSC 2025 टॉपर देने वाले राज्यों में होती है. हर साल टॉप रैंक लाने वालों में बिहार के स्टूडेंट्स जरूर होते हैं. इस साल भी बिहार ने अपना ये रिकॉर्ड कायम रखा है. जहां एक ओर मुजफ्फरपुर के रहने वाले राघव झुनझुनवाला ने रैंक 4 लाकर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है. वहीं, इस बार फर्जी दावा करने वाले दो मामले भी बिहार में ही देखे गए हैं.

AIR 301 पर फर्जी दावा: सबसे पहले UPSC 2025 रैंक 301 पर बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने दावा किया कि वो पास हुई हैं. सोशल मीडिया पर उनके परिवार का जश्न मनाता हुआ वीडियो और आकांक्षा सिंह का इंटरव्यू भी वायरल हुआ. मामला इतना बढ़ गया कि UPSC की तरफ से नोटिस जारी करके यह जानकारी दी गई कि AIR 301 पर बिहार नहीं यूपी के गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा सिंह का सेलेक्शन हुआ है. UPSC ने रोल नंबर, गांव का नाम, माता पिता का नाम और फोटो भी शेयर किया.

शेखपुरा के रंजीत गिरफ्तार होने के बाद

रंजीत कुमार बने मोटिवेशनल स्पीकर: रैंक 301 के बाद UPSC AIR 440 पर रंजीत कुमार का मामला देखा गया. इस रैंक पर दावा करने वाले रंजीत शेखपुरा के रहने वाले हैं. रंजीत तो रिजल्ट आने के बाद मोटिवेशनल स्पीकर बन गए. उनको पूर्व विधायक द्वारा सम्मानित भी किया गया. सच सामने आते ही रंजीत फरार हो गए. कई दिनों के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.

फर्जी टॉपर देने में यूपी रहा आगे

उत्तर प्रदेश से इस बार 3 ऐसे नाम सामने आए जिन्होंने UPSC टॉपर होने का दावा किया. सबसे पहले रिजल्ट जारी होते ही रैंक 113 पर यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा ने वाहवाही बटोरनी शुरू कर दी. मोहल्ले भर में उनका भव्य स्वागत हुआ और जब सच सामने आया तो उदासी छा गई. दरअसल, इस रैंक पर हरियाणा की रहने वाली शिखा सहरावत का सेलेक्शन हुआ था.

रैंक 79 लाने वाली असली प्रियंका चौधरी (बाएं) और गाजीपुर की प्रियंका (दाएं)

रैंक 79 पर प्रियंका चौधरी नाम से कंफ्यूजन बहुत ज्यादा चर्चा में रहा. इस रैंक पर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के जखनियां की रहने वाली प्रियंका चौधरी के परिवार ने खूब जश्न मनाया. प्रियंका के पिता ड्राइवर का काम करते हैं उन्होंने यह तक कह दिया कि अब वो अपनी बेटी की गाड़ी चलाएंगे. गाजीपुर की प्रियंका फिलहाल GST ऑफिसर के पद पर तैनात हैं. लेकिन इस रैंक पर राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली प्रियंका चौधरी का सेलेक्शन हुआ है. इस रैंक पर IAS सर्विस ही अलॉट होता है.

Rank 182 हरियाणा की दिव्या (बाएं) और बागपत की दिव्या (दाएं)

तीसरा मामला UPSC Rank 182 पर सामने आया. इस रैंक पर दिव्या नाम की कैंडिडेट का चयन हुआ है. यूपी के बागपत की रहने वाली दिव्या तंवर के परिवार ने मान लिया कि उनकी बेटी का सेलेक्शन हुआ है. लेकिन महज 24 घंटों के भीतर परिवार का भ्रम टूट गया और सच सामने आ गया. दरअसल, इस रैंक पर जिस दिव्या का सेलेक्शन हुआ है वो रोहतक हरियाणा की रहने वाली हैं.

UPSC 2025 Final Result with Marks

MP से भी आए फर्जी टॉपर

एमपी सतना के यशवर्धन (बाएं) और यूपी हमीरपुर के यशवर्धन (दाएं)

यूपी-बिहार के बाद एक मामला मध्य प्रदेश से भी सामने आया. UPSC Rank 212 पर एमपी के सतना के रहने वाले यशवर्धन सिंह की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी. सच सामने आने पर पता चला कि इस रैंक पर MP नहीं बल्कि UP के यशवर्धन सिंह का सेलेक्शन हुआ है. यशवर्धन यूपी के हमीरपुर जिले के राठ कस्बा के रहने वाले हैं.

उत्तराखंड की फैरूज का दावा

UPSC CSE 2025 के फाइनल रिजल्ट में रैंक 708 पर फैरूज फातिमा का नाम है. इस रैंक पर उत्तराखंड रुड़की की रहने वाली फैरूज फातिमा का फोटो काफी तेजी से वायरल हुआ. फैरूज ट्रक ड्राइवर की बेटी हैं इसलिए इमोशनल एंगल से उनकी स्टोरी शेयर होने लगी. हालांकि, इस रैंक पर केरल की रहने वाली फैरूज फातिमा का सेलेक्शन हुआ है.

इस तरह के मामले सामने आने के बाद UPSC के नियमों पर सवाल उठने शुरू हो गए. यूपीएससी पर मेरिट लिस्ट तैयार करने में लापरवाही का आरोप भी लगा. वहीं, UPSC ने आकांक्षा सिंह वाले मामले में ही पोस्ट शेयर करके कहा कि कमीशन की तरफ से कोई गलती नहीं हुई है.

यह भी पढ़ें: आकांक्षा, शिखा अब प्रियंका, UPSC रिजल्ट में नाम का कंफ्यूजन क्यों?

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लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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