Success Story: बिहार की बहु बनीं लंदन रिटर्न IAS प्रणिता, UPSC में रैंक 42 लाकर रचा इतिहास

Success Story: सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को यूपीएससी टॉपर्स की स्टोरी जरूर जाननी चाहिए. यूपीएससी सिविल सर्विस जैसी कठिन परीक्षा को पास करने वाले कैंडिडेट्स की कहानी बेहद प्रेरणादायक होती है. ऐसी ही एक कहानी IAS ऑफिसर प्रणिता दाश की है.

Success Story: यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास करने वाले कैंडिडेट्स की कहानी बेहद प्रेरणादायक होती है. ऐसी ही एक कहानी IAS ऑफिसर प्रणिता दाश की है. सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को आईएएस प्रणिता दाश (IAS Pranita Dash) की स्टोरी जरूर जाननी चाहिए. आईएएस प्रणिता अपनी शादी को लेकर काफी चर्चा में रही हैं. आइए उनके करियर को करीब से जानते हैं.

Success Story of IAS Pranita Dash: प्रणिता दाश की सक्सेस स्टोरी

आईएएस ऑफिस प्रणिता दाश मूलरूप से ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक छोटे से शहर बारीपदा की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई होम टाउन से ही हुई है. उन्होंने पांचवीं तक बारीपदा में ही पढ़ाई हुई. इसके बाद वह भुवनेश्वर चली गईं. यहां उन्होंने 12वीं क्लास तक पढ़ाई की.

विदेश में पढ़ाई

प्रणिता ने इसके बाद सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया. प्रणिता ने कोलकाता से ग्रेजुएशन के बाद इकोनॉमिक्स में मास्टर्स करने के लिए लंदन चली गईं. यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में दाखिला लिया. उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से स्कॉलरशिप मिली थी.

UPSC की तैयारी

लंदन में पढ़ाई करते हुए ही उन्हें सिविल सर्विस में जाने का मन हुआ. इसके लिए मास्टर्स के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी एग्जाम भी देना शुरू कर दिया था. हालांकि, उन्हें शुरुआत के कई प्रयासों में असफलताओं का सामना करना पड़ा. बता दें कि उन्होंने पहली परीक्षा साल 2020 में दी थी. इसके बाद दूसरी परीक्षा में भी उन्हें असफलता हाथ लगी.

तीसरे प्रयास में बनीं IAS

आईएएस प्रणिता दास लंदन से भारत वापस आ गईं और सिविल सर्विस की तैयारी में लग गईं. अपने तीसरे प्रयास में उन्हें सफलता हासिल हो गई. उन्हें रैंक 42 प्राप्त हुआ और वो आईएएस सर्विस के लिए सेलेक्ट हो गईं. बता दें कि प्रणिता को ओडिशा कैडर मिला.

बनीं बिहार की बहु

प्रणिता दास की शादी बिहार के ही रहने वाले आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार से हुई है. वो साल 2022 बैच के ऑफिसर हैं. अविनाश कुमार मूलरूप से बिहार के अररिया जिले के फारसिबगंज के रहने वाले हैं. सोशल मीडिया पर प्रणिता दास काफी एक्टिव रहती हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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