UP Board Marksheet 2026: यूपी बोर्ड की मार्कशीट की 5 बड़ी खूबी, जानकर रह जाएंगे दंग

UP Board Marksheet 2026: इस बार यूपी बोर्ड ने मार्कशीट को नॉर्मल कागज से हटाकर नॉन-टीयर एबल मटेरियल पर तैयार किया है.

UP Board Marksheet 2026: यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने इस बार छात्रों को मिलने वाली मार्कशीट में बड़ा बदलाव किया है. UP Board रिजल्ट जारी होने के साथ ही नए तरह की मार्कशीट जारी की जाएगी. यह हाई-टेक मार्कशीट नॉन-टीयर एबल होगा. साथ ही यह वॉटरप्रूफ भी होगा. ऐसे में यह मार्कशीट कई तरह से खास होने वाला है. आइए, जानते हैं इसकी 5 खूबी.

न फटेगी, सालों तक रहेगी सुरक्षित

इस बार यूपी बोर्ड ने मार्कशीट को नॉर्मल कागज से हटाकर नॉन-टीयर एबल (Non-tearable) मटेरियल पर तैयार किया है. इसका मतलब है कि अब यह आसानी से फटेगी नहीं, चाहे बार-बार इस्तेमाल हो या लंबे समय तक रखी जाए. पहले जहां मार्कशीट समय के साथ खराब हो जाती थी या किनारे से फटने लगती थी, अब यह समस्या खत्म हो जाएगी. यह बदलाव खासतौर पर उन छात्रों के लिए राहत है जिन्हें नौकरी, एडमिशन या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में बार-बार मार्कशीट दिखानी पड़ती है.

पानी से भी नहीं होगा नुकसान (वॉटरप्रूफ टेक्नोलॉजी)

नई मार्कशीट को पूरी तरह वॉटरप्रूफ बनाया गया है. यानी अगर गलती से पानी गिर जाए, बारिश में भीग जाए या नमी में रहे, तब भी इसकी प्रिंटिंग और कागज पर कोई असर नहीं पड़ेगा. पहले कई स्टूडेंट्स की मार्कशीट पानी लगने से खराब हो जाती थी, जिससे डुप्लीकेट बनवाने की परेशानी होती थी. अब यह जोखिम लगभग खत्म हो गया है.

16 हाई-टेक सिक्योरिटी फीचर्स, फर्जीवाड़ा लगभग नामुमकिन

इस बार मार्कशीट में करीब 16 सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जो इसे एक हाई-टेक डॉक्यूमेंट बनाते हैं.

  • कुछ फीचर नंगी आंखों से दिखेंगे
  • कुछ केवल UV लाइट में
  • और कुछ खास लेंस से ही पहचाने जा सकेंगे

इस मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम की वजह से नकली मार्कशीट बनाना या असली में छेड़छाड़ करना लगभग असंभव हो जाएगा.

ओवरराइटिंग प्रूफ और टैम्पर-प्रूफ सिस्टम

नई मार्कशीट में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे इसमें लिखे गए नंबर, नाम या डिटेल्स को बदला नहीं जा सकता. यानी कोई भी व्यक्ति मार्कशीट पर ओवरराइटिंग या एडिटिंग नहीं कर पाएगा. यह फीचर खासतौर पर नौकरी और एडमिशन में होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए बेहद अहम है, क्योंकि अब किसी भी तरह की छेड़छाड़ तुरंत पकड़ में आ जाएगी.

होलोग्राम, वॉटरमार्क और यूनिक पहचान सिस्टम

मार्कशीट पर अब होलोग्राम, वॉटरमार्क और रेनबो प्रिंटिंग जैसे एडवांस फीचर दिए जाएंगे.

होलोग्राम से असली-नकली की पहचान आसान होगी
वॉटरमार्क इसे यूनिक बनाता है
रेनबो पैटर्न कॉपी करना मुश्किल बनाता है

यह भी पढ़ें- अब नहीं फटेगी मार्कशीट, UPMSP ने जोड़े नए सिक्योरिटी फीचर्स

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >