RBSE 10th Board Toppers Prize: राजस्थान बोर्ड ने आज 10वीं कक्षा की परीक्षा का रिजल्ट जारी किया. रिजल्ट देखने के लिए बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं. 75 प्रतिशत से ज्यादा मार्क्स लाने वाली छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा. आइए, जानते हैं कि 2026 में राजस्थान बोर्ड में टॉप (Rajasthan Board Topper) को क्या-क्या इनाम मिलेंगे.
मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के तहत किन 4 लड़कियों का होता है चयन?
- जिले में पहला स्थान पाने वाली छात्रा
- जिले में दूसरा स्थान पाने वाली छात्रा
- बीपीएल (गरीबी रेखा) श्रेणी से एक छात्रा
- अनाथ बालिका (कम से कम 75% अंक के साथ)
कितनी राशि मिलती है?
राजस्थान बोर्ड 10वीं कक्षा में 75 प्रतिशत मार्क्स के साथ सफल होने वाली स्टूडेंट्स को हर साल अधिकतम 1.15 लाख रुपये तक मिलते हैं. इसमें 15 हजार रुपये स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए, जबकि 1 लाख रुपये स्कूल, कोचिंग या हॉस्टल फीस के लिए दिए जाते हैं.
पात्रता शर्तें
rajteachers.in/मुख्यमंत्री-हमारी-बेटीया/ से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के तहत उन छात्राओं को लाभ दिया जाता है, जिन्होंने राजकीय विद्यालय से पढ़ाई करते हुए 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% अंक हासिल किए हों. इसमें जिला स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान पाने वाली छात्राएं, बीपीएल परिवार की टॉप छात्रा और अनाथ बालिका (जिसके माता-पिता दोनों नहीं हैं) शामिल होती हैं. इन सभी का चयन वरीयता सूची के आधार पर किया जाता है. खास बात यह है कि चयनित छात्राओं को राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा, यहां तक कि स्नातकोत्तर स्तर तक पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है.
- छात्रा राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए
- केवल बालिकाएं ही आवेदन कर सकती हैं
- माता-पिता में से कोई सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए
- परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए
- 10वीं परीक्षा में कम से कम 75% अंक होना जरूरी है
कैसे देखें राजस्थान बोर्ड रिजल्ट?
- सबसे पहले राजस्थान बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं.
- लॉगिन के बाद 10वीं मार्कशीट या राजस्थान बोर्ड रिजल्ट ऑप्शन पर क्लिक करें.
- यहां अपना रोल कोड और रोल नंबर दर्ज करें.
- जानकारी सबमिट करते ही स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिख जाएगा. चाहें तो इसे डाउनलोड या सेव भी कर सकते हैं.
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