WFH या ऑफिस से काम? सॉफ्ट इंजीनियर ने बताया कौना सा है बेस्ट ऑप्शन

Remote Work Vs Office Work: पुलकित मित्तल ने बताया कि रिमोट लोकेशन से वर्क करने वाले प्रोफेशनल माहौल को मिस कर देते हैं. वे ऑफिसर कल्चर, टेक मीटअप और टीम मैनेजमेंट जैसी चीजों से वंचित रह जाते हैं.

Remote Work Vs Office Work: समय-समय पर घर से काम करना सही है या ऑफिस से, इसे लेकर बहस होती रहती है. कई तर्क दिए जाते हैं. लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कोविड के बाद से भारत में भी वर्क फ्रॉम होम का प्रचलन देखने को मिल रहा है. छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनी अपने कर्मचारी को घर से काम करने की छूट दे रही है. ऐसे में सोशल मीडिया पर ये बहस फिर से छिड़ गई है जब एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने WFH के फायदे और नुकसान बताए.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया ऑफिस से काम करने को सही

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुलकित मित्तल नाम के IITian और सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने WFH या रिमोट एरिया से काम करने के नुकसान बताए. उन्होंने अपने एक दोस्त की कहानी शेयर करते हुए बताया कि WFH के क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.

पुलकित मित्तल ने क हा कि उनका एक फ्रेंड है जिसने बेंगलुरु जैसे बड़े टेक शहर में शिफ्ट होने के बजाय अपने गांव में रहकर पूरी तरह रिमोट काम करने का फैसला लिया. उसकी कमाई 50 लाख रुपये सालाना है. ऐसे में वो बेहद कम खर्च में रह रहा है. पैसे बचाने के लिहाज से यह फैसला समझदारी वाला लगता है क्योंकि बेंगलुरु में किराया न देने से ही वह सालाना करीब 2.5 लाख रुपये बचा रहा था. साथ ही ट्रैवल और अन्य खर्च भी बच रहे हैं. लेकिन इसके कई नुकसान हैं.

पुलकित मित्तल ने बताया कि इस तरह के लोग प्रोफेशनल इकोसिस्टम को मिस कर देते हैं. वे ऑफिसर कल्चर, टेक मीटअप और टीम मैनेजमेंट जैसी चीजों से वंचित रह जाते हैं. ऐसे लोग अपने तरह की लॉबी (टेक कम्युनिटी) से कट जाते हैं. उनके कॉन्टैक्ट कम रहते हैं.

रिमोट काम करने के नुकसान

बेंगलुरु जैसे शहरों में नियमित तौर पर डेवलपर मीटअप, स्टार्टअप नेटवर्किंग इवेंट, टेक कॉन्फ्रेंस और इंडस्ट्री गैदरिंग होती रहती हैं. ये मौके नई चीजें सीखने, लोगों से जुड़ने और करियर ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी होते हैं. लेकिन गांव में रहने वाला कोई व्यक्ति इन सब चीजों से कट जाता है.

  • प्रोफेशनल इकोसिस्टम मिस करना
  • टेक कम्युनिटी से कटना
  • कंपनी में विजिबिलिटी में कमी
  • ऑफिस सिस्टम और डिस्कशन से दूरी

गांव की लाइफस्टाइल के अपने चैलेंज हैं

पुलकित मित्तल ने गांव की लाइफस्टाइल को अच्छा बताया. लेकिन साथ ही कहा कि गांव की जिंदगी की भी अपनी चुनौतियां होती हैं. गांव की लाइफ उतनी आसान नहीं रही जितनी बाहर से दिखती है. रिश्तेदार बिना बताए आ जाते हैं और काम में परेशानी आती है. साथ ही घर से काम करने में कुछ भी फिक्स नहीं रह जाता है.

सबसे जरूरी रेंट बचाना नहीं करियर बचाना है

पुलकित मित्तल के अनुसार, अपने शुरुआती करियर में रिमोट जॉब्स नहीं करना चाहिए. इससे आपकी ग्रोथ मर जाती है. सीखने के मौके भी कम मिलते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार रेंट बचाना ही उपलब्धि नहीं होती है.

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Published by: Shambhavi Shivani

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