12वीं पास को झटका! नहीं बन सकेंगे वन दारोगा, उम्र सीमा में भी बदलाव

Uttarakhand Van Daroga Vacancy 2025: उत्तराखंड में फॉरेस्टर (वन दरोगा) बनने के लिए अब तक न्यूनतम आयु 18 थी. वहीं अब इसे बढ़ाकर 21 साल किया जा सकता है. साथ ही शैक्षणिक योग्यता 12वीं की जगह ग्रेजुएशन किया जा सकता है. जहां एक तरफ न्यूनतम आयु बढ़ने से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी. वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक योग्यता बढ़ाए जाने से कुछ लोगों को झटका भी लग सकता है.

Uttarakhand Van Daroga Vacancy 2025: अगर आप भी उत्तराखंड के रहने वाले हैं और जंगल से प्रेम हैं और सरकारी नौकरी करना चाहते हैं तो आपके लिए एक खुशखबरी है. उत्तराखंड में फॉरेस्टर (वन दरोगा) बनने के लिए अब तक न्यूनतम आयु 18 थी. वहीं अब इसे बढ़ाकर 21 साल किया जा सकता है. साथ ही शैक्षणिक योग्यता 12वीं की जगह ग्रेजुएशन किया जा सकता है. वर्षों से वन विभाग में नौकरी करने के इच्छुक अभ्यर्थी न्यूनतम आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे.  

Van Daroga Vacancy Eligibility: वर्तमान में क्या है नियम? 

उत्तराखंड में वन विभाग में दारोगा बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा की पात्रता को पूरा करना होता है. वर्तमान में वन दारोगा की भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 साल होनी चाहिए. वहीं शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 12वीं पास होना जरूरी है. 

Uttarakhand Van Daroga Vacancy 2025 New Changes: क्यों किया जा रहा बदलाव? 

दरअसल, वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा लंबे वक्त से पुलिस की तर्ज पर वन दारोगा को भी 4600 ग्रेड पे दिए जाने की मांग उठ रही है. हालांकि, पुलिस विभाग की भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास नहीं ग्रेजुएशन है. इस पर प्रशासन की ओर से पहले तर्क दिया गया था कि चूंकि पुलिस दरोगा पद के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक है, इसलिए वहां उच्च ग्रेड-पे दिया जाता है. वहीं वन दारोगा के लिए इंटर पास है. ऐसे में ये संभव नहीं है. इसके बाद सहायक वन कर्मचारी संघ समेत तमाम संगठनों ने आंदोलन शुरू कर दिया. वहीं अब उनकी मांग पर वन मुख्यालय ने शासन के निर्देश पर प्रस्ताव तैयार करके भेजा है. ऐसे में अब नए नियमावली के अनुसार, वन दारोगा के लिए न्यूनतम आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता भी बढ़ाई जा सकती है. 

Van Daroga Salary: उत्तराखंड में कितनी है वन दारोगा की सैलरी?

उत्तराखंड में वन दारोगा (वन रक्षक) का वेतन 21,700 रुपये से 69,100 रुपये प्रति महीने है, जो 7वें वेतन आयोग के अनुसार है. इसमें ग्रेड पे और अन्य भत्ते भी शामिल हैं. इसी के साथ इन्हें महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्ते भी मिलते हैं. 

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