Kunwari River: भारत में कहां बहती है 'कुंवारी' नदी, क्यों पड़ा ऐसा नाम? नहीं जानते होंगे आप

Kunwari River in India: भारत एक विशाल देश है, जहां लगभग 400 मुख्य नदियां बहती हैं. UPSC, SSC और CUET जैसी प्रतियोगिता परीक्षाओं में जनरल नॉलेज के सवाल जरूर (GK Questions) पूछे जाते हैं. जनरल नॉलेज सेक्शन में नदियों से जुड़े सवाल जरूर होते हैं. प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र यहां कुंवारी नदी के बारे में जान सकते हैं.

Kunwari River in India: भारत एक विशाल देश है, जहां लगभग 400 मुख्य नदियां बहती हैं. इन नदियों का धार्मिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक महत्व बहुत अधिक है. सबसे लंबी नदी गंगा है, जो हिमालय से निकलकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है. वहीं, सबसे छोटी नदी अरवारी है, जो राजस्थान में बहती है. इन नदियों ने देश की सभ्यता को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है. नदियों के किनारे बसे शहरों ने आर्थिक और सामाजिक रूप से देश को समृद्ध बनाया है.

नदियों से जुड़े GK सवाल

प्रतियोगी परीक्षाओं में नदियों से संबंधित सवाल अक्सर पूछे जाते हैं. इन सवालों (GK Questions on Rivers in India) के माध्यम से उम्मीदवारों की भौगोलिक और ऐतिहासिक जानकारी की परख की जाती है. उदाहरण के लिए, भारत की पांचवीं सबसे लंबी नदी कौन-सी है? इसका उत्तर है – नर्मदा नदी. इसी तरह, पश्चिम की ओर बहने वाली सबसे लंबी नदी कौन-सी है, तो जवाब फिर नर्मदा ही होता है. ऐसे सवाल UPSC, SSC, रेलवे और अन्य सरकारी परीक्षाओं में आम होते हैं. छात्रों को इन तथ्यों की सही जानकारी होनी चाहिए.

Kunwari River in India: कुंवारी नदी की रोचक कहानी

WiKi Report के अनुसार, भारत में एक नदी को कुंवारी नदी कहा जाता है, जिसे क्वारी या Kunwari River के नाम से भी जाना जाता है. यह कोई और नहीं बल्कि नर्मदा नदी ही है. यह नदी मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना और भिंड जिलों से होकर बहती है. इसके “कुंवारी” कहे जाने के पीछे एक लोककथा प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि नर्मदा की शादी शोण भद्र नदी से तय हुई थी.

नर्मदा को पता चला कि शोण भद्र उसकी दासी में रुचि रखता है. यह जानकर नर्मदा ने यह अपमान सहन नहीं किया और मंडप छोड़ उलटी दिशा में बहने लगी. तभी से उसे कुंवारी नदी कहा जाने लगा. यह कहानी न केवल इस नदी की विशेषता को दर्शाती है, बल्कि भारतीय लोककथाओं की समृद्ध परंपरा को भी उजागर करती है.

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Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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