डिजिलॉकर पर आएंगे अग्निवीरों के सर्टिफिकेट, APAAR ID से जोड़ने की चल रही है तैयारी

Agniveer Skill Ceritificate: केंद्र सरकार की इस नई पहल के तहत अग्निपथ योजना के तहत 4 साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को मिलने वाले सभी सर्टिफिकेट (ट्रेनिंग, स्किल और कार्य अनुभव) अब डिजिलॉकर पर डिजिटल रूप से जारी किए जाएंगे.

Agniveer Skill Ceritificate: अग्निपथ योजना के तहत देश की सेवा करने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार एक शानदार डिजिटल व्यवस्था तैयार कर रही है. अब सैन्य सेवा के दौरान सीखे गए हुनर और ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले ‘डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन’ ने इस नई फ्रेमवर्क को लेकर एक बैठक की है.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य अग्निवीरों के सर्टिफिकेट्स को डिजिलॉकर और छात्रों की डिजिटल पहचान यानी APAAR ID से जोड़ना है.

Agniveer Skill Ceritificate: डिजिलॉकर में मिलेंगे 3 खास डिजिटल सर्टिफिकेट

इस नए योजना के अनुसार’नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी’ (NAD)-डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म के जरिए सेना के जवानों को तीन तरह के डिजिटल डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे जिन्हें वे कभी भी सुरक्षित तरीके से एक्सेस और शेयर कर सकेंगे:

ट्रेनिंग सर्टिफिकेट: सैन्य प्रशिक्षण का पूरा विवरण.
स्किल सर्टिफिकेट: तकनीकी और व्यावसायिक कौशल का प्रमाण.
एक्सपिरिएंशियल लर्निंग सर्टिफिकेट: सेवा के दौरान मिले कार्य अनुभव का दस्तावेज.

भारतीय वायु सेना को भी लाभ: इस योजना में केवल थल सेना के अग्निवीर ही नहीं बल्कि भारतीय वायु सेना (IAF) के वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मियों के सर्टिफिकेट्स को भी शामिल करने पर चर्चा हुई है.

Agniveer Skill Ceritificate: पढ़ाई में कैसे मिलेगा फायदा?

अग्निवीरों द्वारा कमाए गए इन सर्टिफिकेट्स और क्रेडिट्स को APAAR ID और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स से जोड़ा जाएगा. इन सर्टिफिकेट को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के तहत बनाया जाएगा. इसका मतलब है कि सैन्य ट्रेनिंग के एक्सपीरियंस को अकादमिक क्रेडिट में बदल दिया जाएगा.

इसके साथ साथ अगर कोई अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद अपनी कॉलेज की पढ़ाई दोबारा शुरू करना चाहता है तो ये मिलिट्री क्रेडिट्स देश के उच्च शिक्षा सिस्टम में भी मान्य होंगे.इससे उन्हें आगे की डिग्री पूरी करने में सीधी मदद मिलेगी.

रोजगार के नए रास्ते

अग्निपथ योजना के तहत 4 साल पूरे होने पर 25% अग्निवीरों को सेना में पक्का किया जाता है. वहीं, बाकी जवान एक अच्छे अमाउन्ट और स्किल सर्टिफिकेट के साथ नागरिक जीवन में लौटते हैं.

इस डिजिटल कदम से उन्हें कई फायदे होंगे जैसे की :

फर्जीवाड़े पर रोक: सभी दस्तावेज डिजिलॉकर पर ऑनलाइन होंगे जिससे प्राइवेट कंपनियां या सरकारी विभाग एक क्लिक में इनके सर्टिफिकेट्स को वेरीफाई कर सकेंगे.

इन सेक्टर्स में तुरंत नौकरी: सैन्य सेवा के दौरान अग्निवीर लॉजिस्टिक्स, एविएशन (उड्डयन), मैन्युफैक्चरिंग, आईटी (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी), सुरक्षा और पब्लिक सर्विसेज जैसे क्षेत्रों का हुनर सीखते हैं. डिजिटल सर्टिफिकेट होने से इन सेक्टर्स में नौकरी मिलना काफी आसान हो जाएगा.

कब लागू होगी यह व्यवस्था?

हालांकि सरकार की तरफ से इसे पूरी तरह लागू करने की किसी तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है.लेकिन इस डिजिटल तैयारी से यह साफ है कि भारत के बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा अब देश के जवानों और वीरों को उनके बेहतर भविष्य के लिए मिलने वाला है.

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Published by: Bhumi Sharma

भूमि शर्मा प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. इंटर्नशिप और फुल टाइम जॉब मिलाकर अब तक इनके पास करीब 2 साल तक का अनुभव है. एंकरिंग और रिपोर्टिंग कर चुकी हैं. फिलहाल प्रभात खबर पर एजुकेशन और जॉब्स की खबरें देखती हैं. फिल्म जगत और पॉलिटिक्स की खबरों में इंटरेस्ट रखती हैं.

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