UPSC Mains Exam Tips: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का आयोजन 21 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है. मेन्स परीक्षा में सिर्फ ज्यादा से ज्यादा जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि तय समय में उस जानकारी को बेहतर तरीके से पेपर पर उतारना भी जरूरी है. इसी को लेकर मोटिवेशनल स्पीकर और ‘तथास्तु आईसीएस’ की संस्थापक डॉ. तनु जैन ने अभ्यर्थियों को कुछ जरूरी टिप्स दिए हैं.’
क्या है डॉ तन्नु जैन का कहना?
UPSC मेन्स की तैयारी में छात्रों को लगता है कि कॉन्टेंट जुटाना सबसे बड़ा काम है. लेकिन सबसे जरूरी है पेपर देने के समय टाइम मैनेजमेंट करना. उन्होंने कहा कि 10 मार्क्स के सवाल के लिए स्टूडेंट्स के पास 7 मिनट का टाइम होता है और 15 मिनट के सवाल के लिए लगभग 11 मिनट.
इस समय में हमें सिर्फ आंसर लिखना नहीं है बल्कि सोचना है, लिखना है, टोन सेट करना है, कीवर्ड्स लेकर आने हैं और डायग्राम बनाने हैं. इसी के साथ इंट्रो, बॉडी, कंक्लूजन सभी चीजों को एडजस्ट करना है. इसके लिए प्रैक्टिस करना पड़ता है. जरूरी नहीं है कि हमारे पास जानकारी है तो वो हम उसे वैसा ही पेपर में उतार सकें.
जानकारी होना और उसे पेपर में उतारना अलग बात
डॉ. तनु जैन ने कहा कि जरूरी नहीं है कि जिस विषय की पूरी जानकारी उम्मीदवार को हो, वह परीक्षा में उसे उसी प्रभावी तरीके से लिख भी पाए. इसके लिए रेगुलर प्रैक्टिस जरूरी है.
आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस से उम्मीदवार को यह समझने में मदद मिलती है कि कम समय में किसी सवाल का सटीक, व्यवस्थित और प्रभावी उत्तर कैसे लिखा जाए.
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UPSC Mains के लिए एक्सपर्ट ने दिए 5 टिप्स
- मिशन मोड में करें तैयारी
परीक्षा के करीब आते ही अपनी तैयारी को मिशन मोड में रखें. रोज के लक्ष्य तय करें और उन्हें समय पर पूरा करने की कोशिश करें.
- टेबल-चेयर पर बैठकर करें आंसर राइटिंग
आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस टेबल और चेयर पर बैठकर करें. बेड पर लेटकर पढ़ने या लिखने की आदत से बचें, क्योंकि परीक्षा हॉल में भी लंबे समय तक बैठकर लिखना होता है.
- उसी पेन से करें प्रैक्टिस
जिस पेन से आप UPSC Mains में लिखने वाले हैं, उसी पेन से रोजाना आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस करें. इससे लिखने की गति और पेन पर पकड़ बेहतर होगी.
- समय का सही इस्तेमाल करें
प्रैक्टिस करते समय हर सवाल के लिए टाइमर लगाएं. इससे आपको यह पता चलेगा कि एक सवाल को लिखने में कितना समय लग रहा है और कहां समय बचाने की जरूरत है.
- स्पीड पर भी करें काम
लिखने की स्पीड सिर्फ हाथ से नहीं, बल्कि दिमाग से भी जुड़ी होती है. अगर उम्मीदवार खुद को तेज गति से लिखने के लिए तैयार करता है तो उसका दिमाग भी उसी गति से प्रतिक्रिया करने लगता है और धीरे-धीरे हाथ की लिखने की गति बढ़ने लगती है. खुद में फील करें कि आप तेजी से लिख रहे हैं. आपका हाथ भी उसी तरह से रिस्पॉन्ड करेगा.
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