एक तरफ होली का फेस्टिवल है. वहीं दूसरी ओर 2 मार्च को, होली के ठीक पहले, 10वीं कक्षा का हिंदी का पेपर है. 10वीं बोर्ड का हिंदी का पेपर स्टूडेंट्स के लिए काफी अहम माना जाता है क्योंकि ये भाषा का पेपर है. CBSE की 10वीं कक्षा का हिंदी पेपर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा.
10वीं कक्षा की हिंदी की परीक्षा में ग्रामर, गद्य, पद्य और लेखन से सवाल पूछे जाएंगे. भाषा के पेपर में लेखन का ध्यान रखना जरूरी है. ऐसे में आखिरी दिन की तैयारी बहुत काम आती है.
आखिरी समय में इन टिप्स से बढ़ाएं स्कोर
10वीं बोर्ड परीक्षा नजदीक है और हिंदी पेपर को लेकर कई छात्र स्ट्रेस में हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि सही स्ट्रैटजी अपनाकर हिंदी में अच्छे अंक आसानी से हासिल किए जा सकते हैं. आखिरी समय में घबराने के बजाय स्मार्ट तैयारी पर फोकस करना जरूरी है.
गद्यांश से न घबराएं
अक्सर छात्र अपठित गद्यांश देखते ही परेशान हो जाते हैं, जबकि यही हिस्सा सबसे ज्यादा अंक दिला सकता है. सबसे पहले पूरे पैसेज को ध्यान से पढ़ें और उसका मुख्य भाव समझें. इसके बाद ही प्रश्नों के उत्तर लिखें. याद रखें, केवल वही लिखें जो पूछा गया है. खासकर कारण और परिणाम वाले प्रश्नों में अपने शब्दों में स्पष्ट जवाब देना जरूरी है.
रटने की नहीं, समझने की जरूरत
हिंदी में अच्छी तैयारी का मतलब केवल याद करना नहीं है. समास, वाक्य भेद, मुहावरे और लोकोक्तियां जैसे विषयों को समझकर पढ़ें. जब छात्र इनकी मूल भावना समझ लेते हैं, तो परीक्षा में उत्तर आसानी से लिख पाते हैं और गलतियां कम होती हैं.
समय प्रबंधन पर दें खास ध्यान
परीक्षा में समय का सही उपयोग बहुत जरूरी है. प्रश्नपत्र मिलते ही उसे पूरा पढ़ लें. जिन सवालों के उत्तर अच्छी तरह आते हों, उन्हें पहले हल करें. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और समय का दबाव कम होता है. हर सेक्शन के लिए पहले से समय तय करना भी फायदेमंद रहता है, ताकि कोई प्रश्न छूट न जाए.
अंतिम मिनट में करें उत्तरों की जांच
पेपर पूरा होते ही कॉपी जमा करने की जल्दबाजी न करें. अंतिम 5 से 7 मिनट उत्तरों की जांच के लिए रखें. इस दौरान वर्तनी, व्याकरण और अधूरे उत्तरों को ध्यान से देखें. साफ-सुथरा और व्यवस्थित लेखन परीक्षक पर अच्छा प्रभाव डालता है और अंक बढ़ाने में मदद करता है.
तनाव से दूर रहना भी जरूरी
परीक्षा के समय हल्की घबराहट सामान्य है, लेकिन ज्यादा चिंता प्रदर्शन पर असर डाल सकती है. आखिरी समय में नए टॉपिक शुरू करने से बचें. पर्याप्त नींद लें, हल्का भोजन करें और शांत मन से परीक्षा में बैठें. आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है.
गद्य भाग की तैयारी कैसे करें?
गद्य पाठों में कहानी की घटनाएं, पात्र और उनके संवाद महत्वपूर्ण होते हैं. पाठ की मुख्य पंक्तियों और संदेश को समझ लें. इससे व्याख्यात्मक और लघु उत्तरीय प्रश्नों को हल करना आसान हो जाता है.
यह भी पढ़ें- बिहार बोर्ड ने जारी की आंसर की, 6 मार्च तक दर्ज करें आपत्ति
