CTET VS TET: अगर आप टीचर बनने का सपना देख रहे हैं, तो सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि सही परीक्षा पास करना भी जरूरी है. भारत में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए CTET और TET जैसी परीक्षाएं देनी होती हैं. लेकिन कई स्टूडेंट्स को इन दोनों एग्जाम के बीच का फर्क समझ नहीं आता. ऐसे में यहां आसान भाषा में जानिए कि टीचर बनने के लिए कौन-सी परीक्षा देनी होती है और CTET व TET में क्या अंतर है.
टीचर बनने के लिए कौन-सी परीक्षा जरूरी?
भारत में शिक्षक बनने के लिए सबसे पहले DElEd, BEd जैसी टीचिंग से जुड़ी डिग्री होना जरूरी है. इसके बाद उम्मीदवार को Teacher Eligibility Test (TET) पास करना होता है. यह परीक्षा यह तय करती है कि आप स्कूल में पढ़ाने के योग्य हैं या नहीं.
क्या है CTET?
CTET (Central Teacher Eligibility Test) एक नेशनल लेवल की परीक्षा है. इसे CBSE आयोजित करता है. CTET पास करने के बाद आप केंद्रीय विद्यालय (KVS), नवोदय विद्यालय और अन्य केंद्र सरकार के स्कूलों में आवेदन कर सकते हैं
क्या है TET?
TET राज्य स्तर की परीक्षा होती है. हर राज्य अपना अलग TET एग्जाम आयोजित करता है (जैसे UPTET, REET, BTET). इसे पास करने के बाद आप संबंधित राज्य के सरकारी स्कूलों में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं.
CTET VS TET: CTET और TET में अंतर
| आधार | CTET (Central TET) | TET (State TET) |
|---|---|---|
| लेवल | नेशनल लेवल | स्टेट लेवल |
| आयोजन | CBSE द्वारा | राज्य सरकार द्वारा |
| नौकरी का क्षेत्र | केंद्रीय स्कूल (KVS, NVS) | राज्य के सरकारी स्कूल |
| मान्यता | पूरे भारत में मान्य | केवल संबंधित राज्य में |
एग्जाम पैटर्न कैसा होता है?
दोनों परीक्षाओं में Paper 1 और Paper 2 होते हैं:
Paper 1: कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए
Paper 2: कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए
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