BHU Scholarship: BHU ने BHU America Foundation और कुछ इंटरनेशनल लेवल के साइंटिस्ट्स के साथ एक MoU साइन किया है. इस समझौते के तहत यूनिवर्सिटी को करीब 60,000 डॉलर यानी लगभग 50 लाख रुपये मिलेंगे. रिसर्च या हायर स्टडीज के स्टूडेंट को इस MoU का सीधा फायदा मिलेगा.
BHU America Foundation (BHUAF) एक ऐसी संस्था है जो अमेरिका में रजिस्टर्ड है और पूरी तरह चैरिटेबल यानी समाज सेवा के उद्देश्य से काम करती है. इस संस्था का मुख्य काम BHU को सपोर्ट (BHU Scholarship) करना है.
BHU Scholarship इन स्टूडेंट्स को मिलेगी
फंड का सबसे बड़ा फायदा PG और PhD स्टूडेंट्स को मिलेगा. हर साल MSc बायोकेमिस्ट्री के सेकेंड ईयर के 5 मेधावी छात्रों को 25,000 रुपये की स्कॉलरशिप (BHU Scholarship) दी जाएगी. इसके अलावा, आगे चलकर पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों के लिए रिसर्च ग्रांट भी दी जाएगी.
इस पहल के पीछे BHU के पूर्व छात्र और जाने-माने साइंटिस्ट डॉ निरभय कुमार और डॉ गीता बंसल का अहम योगदान है. डॉ निरभय कुमार मलेरिया रिसर्च के क्षेत्र में इंटरनेशनल स्तर पर जाने जाते हैं और उन्होंने कई बड़ी यूनिवर्सिटीज में काम किया है. वहीं डॉ गीता बंसल का भी रिसर्च और इंडस्ट्री में लंबा अनुभव रहा है. इन दोनों का मकसद है कि नए स्टूडेंट्स को बेहतर मौके मिलें और वे आगे बढ़ सकें.
एलुमनाई का सपोर्ट
BHU के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सहयोग से यूनिवर्सिटी में रिसर्च कल्चर और मजबूत होगा. वाइस चांसलर ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एलुमनाई का सपोर्ट हमेशा से स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद रहा है. इससे न सिर्फ पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर रिसर्च को भी बढ़ावा मिलेगा.
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