Sainik School Admission: देश के कई छात्र सैनिक स्कूलों में पढ़ाई करने का सपना देखते हैं. इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ अनुशासन, नेतृत्व और शारीरिक प्रशिक्षण पर खास ध्यान दिया जाता है. सैनिक स्कूलों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भविष्य में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सशस्त्र बलों में करियर के लिए तैयार करना है. इन स्कूलों में प्रवेश के लिए छात्रों को एक तय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें प्रवेश परीक्षा, मेरिट लिस्ट और अन्य नियम शामिल हैं.
Sainik School Fees: कितनी होती है सैनिक स्कूल की फीस?
सैनिक स्कूलों की फीस अलग-अलग स्कूलों के अनुसार अलग हो सकती है. लेकिन आमतौर पर इसकी वार्षिक फीस लगभग 1.5 लाख से 2 लाख रुपये तक हो सकती है. इसमें ट्यूशन फीस के साथ हॉस्टल और अन्य सुविधाओं का खर्च भी शामिल होता है. फीस संबंधित अधिक जानकारी के लिए स्कूल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं.
AISSEE के जरिए होता है एडमिशन
सैनिक स्कूलों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम (AISSEE) आयोजित किया जाता है. यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कराती है. परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और उसी के अनुसार छात्रों को प्रवेश दिया जाता है.
किन कक्षाओं में मिलता है प्रवेश?
सैनिक स्कूलों में मुख्य रूप से कक्षा 6 और कक्षा 9 में एडमिशन दिया जाता है. कक्षा 6 के लिए देशभर के छात्र आवेदन कर सकते हैं, जबकि कक्षा 9 में प्रवेश सीटों की उपलब्धता के आधार पर दिया जाता है.
क्या है पात्रता?
कक्षा 6 में एडमिशन के लिए स्टूडेंट की उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
कक्षा 9 में प्रवेश के लिए छात्र की उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसने कक्षा 8 पास की हो.
परीक्षा का पैटर्न
कक्षा 6 के लिए परीक्षा में इंग्लिश, मैथ्स, इंटेलिजेंस और जनरल नॉलेज से प्रश्न पूछे जाते हैं. वहीं कक्षा 9 के लिए परीक्षा में मैथ्स, इंग्लिश, साइंस, सोशल साइंस और इंटेलिजेंस से सवाल आते हैं.
स्कॉलरशिप की सुविधा
सैनिक स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से स्कॉलरशिप भी दी जाती है. यह स्कॉलरशिप आमतौर पर छात्रों की पारिवारिक आय और कैटेगरी के आधार पर दी जाती है.
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