IGNOU New Course 2025: देश में पहली बार शुरू होने जा रहा है Sand Art कोर्स, सितंबर में इस तारीख तक करें अप्लाई

IGNOU New Course 2025: इग्नू ने सैंड आर्ट कोर्स शुरू किया है. इस कोर्स के लिए 15 सितंबर 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं. भारत में पहली बार ये कोर्स शुरू होने जा रहा है. ये कोर्स 12 सप्ताह तक चलेगा जिसमें छात्रों को फेमस आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक से सीखने का मौका मिलेगा. इस कोर्स में बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पूरी खबर-

IGNOU New Course 2025: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) विश्व प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक के साथ मिलकर ऑनलाइन सैंड आर्ट कोर्स शुरू करने जा रहा है. भारत में पहली बार इस तरह का कुछ शुरू होने जा रहा है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि ये कोर्स केंद्र सरकार के SWAYAM डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म पर मुफ्त उपलब्ध किया जाएगा. 

IGNOU New Course 2025: दो अलग कोर्स शुरू कर रहा है इग्नू 

इग्नू सैंड आर्ट्स से जुड़े दो कोर्स ऑफर करने जा रहा है, ‘Introduction to Sand Art’ और ‘Principles & Formats of Sand Art’. इग्नू ने दोनों ही कोर्स को इस तरह डिजाइन किया है कि थ्योरी और प्रैक्टिकल, दोनों तरीके से छात्रों को पढ़ाया जाए. ये 12 सप्ताह का कोर्स है. इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्रों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा. हालांकि, सर्टिफिकेट उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो इंटर्नल और एक्सटर्नल असेस्टमेंट पूरा करेंगे. 

IGNOU New Course Last Date: अप्लाई करने की अंतिम तारीख 

इग्नू के इस सैंड आर्ट कोर्स के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 है. ऐसे में कैंडिडेट्स समय रहते आवेदन कर लें. आवेदन करने के लिए स्टूडेंट्स onlinecourses.swayam2.ac.in पर जाएं. 

IGNOU New Course: भारत को मिलेगी विश्व स्तर पर पहचान 

इग्नू की कुलपति ने इस मौके पर कहा कि यह कोर्स नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लाई गई है. इस कोर्स को लाने का उद्देश्य था भारतीय कला और संस्कृति को शिक्षा और स्किल से जोड़ना. उन्होंने कहा कि यह प्रयास है रचनात्मकता को डिजिटल कोर्सेज से जोड़ने का. उन्होंने कहा कि यह भारत में शुरू किया जाने वाला पहला कोर्स है और इसके कारण देश को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी. 

Sudarsan Pattnaik: कौन हैं सुदर्शन पटनायक

सुदर्शन पटनायक की पहचान भारत और विश्व स्तर पर सैंट आर्टिस्ट के रूप में है. उनकी रेत कलाएं सामाजिक संदेश देती हैं. उन्हें कई सारे सम्मान मिल चुके हैं. सुदर्शन पटनायक अब तक 65 से ऊपर अंतर्राष्ट्रीय रेत कला महोत्सव में शामिल हो चुके हैं. उन्हें सैंड आर्ट के लिए पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. 

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लेखक के बारे में

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