विदेशी विवि को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए लेनी होगी मंजूरी, यूजीसी अध्यक्ष ने कही ये बात

Foreign varsities will need UGC’s nod to set up campuses in India: विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मंजूरी की जरूरत होगी और शुरुआती मंजूरी 10 साल के लिए होगी.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मंजूरी की जरूरत होगी और शुरुआती मंजूरी 10 साल के लिए होगी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में कैंपस वाले विदेशी विश्वविद्यालय केवल भौतिक मोड में पूर्णकालिक कार्यक्रम पेश कर सकते हैं, न कि ऑनलाइन या दूरस्थ शिक्षा.


यूजीसी अध्यक्ष ने कही ये बात

यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों को अपनी प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क संरचना तैयार करने की स्वतंत्रता होगी, क्योंकि यूजीसी ने गुरुवार को ‘भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों की स्थापना और संचालन’ के लिए मसौदा नियमों की घोषणा की.

उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके भारतीय परिसरों में प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता उनके मुख्य परिसर के बराबर हो.

शिक्षा की गुणवत्ता उनके मुख्य परिसर के बराबर हो

यूजीसी ने गुरुवार को ‘भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों की स्थापना और संचालन’ के लिए मसौदा नियमों की घोषणा की. उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके भारतीय परिसरों में प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता उनके मुख्य परिसर के बराबर हो. फंड और फंडिंग से जुड़े मामलों पर उन्होंने कहा कि फंड का क्रॉस-बॉर्डर मूवमेंट फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के मुताबिक होगा.

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Published by: Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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