कोरोना की दूसरी लहर के बीच कर्मचारियों को सैलरी इन्क्रीमेंट का मिलेगा लाभ या नहीं? जानिए क्या कहती है सर्वे रिपोर्ट

अगर एक सर्वे रिपोर्ट पर भरोसा करें, तो कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जा सकती है. स्टाफिंग कंपनी जीनियस कंसल्टेंट के एक सर्वे में इस बात के संकेत दिए गए हैं कि देश की कई कंपनियां साल 2021 में अपने कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का लाभ देने के पक्ष में हैं. सर्वे रिपोर्ट में यह कहा गया है कि समग्र विकास प्रभावशाली है और फिलहाल बाजार के स्थित रहने की उम्मीद है.

Salary increment 2021 India : देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर जारी है. इससे वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के दौरान आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव पड़ने की आशंका जाहिर की जा रही है. कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप तब लगातार बढ़ता जा रहा है, जब देश के सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों की सैलरी इन्क्रीमेंट होना है. ऐसे में, एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि इस साल भी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी या नहीं? पिछले साल भी कोरोना महामारी की वजह से कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित रहना पड़ गया था.

अगर एक सर्वे रिपोर्ट पर भरोसा करें, तो कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जा सकती है. स्टाफिंग कंपनी जीनियस कंसल्टेंट के एक सर्वे में इस बात के संकेत दिए गए हैं कि देश की कई कंपनियां साल 2021 में अपने कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का लाभ देने के पक्ष में हैं. सर्वे रिपोर्ट में यह कहा गया है कि समग्र विकास प्रभावशाली है और फिलहाल बाजार के स्थित रहने की उम्मीद है.

जीनियस कंसल्टेंट ने यह भी कहा है कि सर्वे में शामिल करीब 59 फीसदी कंपनियां अपने वर्कफोर्स को मजबूत करने के साथ ही उनके वेतन में वृद्धि करेंगी. फरवरी और मार्च महीने के दौरान ऑनलाइन किए गए सर्वेक्षण में विभिन्न क्षेत्र की करीब 1200 कंपनियों ने भाग लिया था. इसमें फाइनांस एंड बैंकिंग सेक्टर, कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग सेक्टर, एजुकेशन, टीचिंग, ट्रेनिंग, एफएमसीजी, हॉस्पिटलिटी, एचआर सॉल्यूशन, आई, आईटीईएस, बीपीओ, लॉजिस्टिक, मैन्यूफैक्चरिंग, मीडिया, ऑयल एंड गैस, फार्मा एंड मेडिकल, पावर एंड एनर्जी, रियल एस्टेट, रिटेल, टेलीकॉम और ऑटो सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं.

कितनी हो सकती है वेतन बढ़ोतरी

हालांकि सर्वे में शामिल ज्यादातर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करने की बात कही है, लेकिन उसमें भी एक पेंच है. वह यह कि ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों के वेतन में 5 से 10 फीसदी तक ही बढ़ोतरी करने के मूड में दिखाई देती हैं.

इतना ही नहीं, सर्वे में शामिल कुछ कंपनियों ने तो कर्मचारियों के वेतन में 5 से 10 फीसदी से भी कम बढ़ोतरी करने की बात कही है. ऐसी करीब 20 फीसदी कंपनियां हैं, जो 5 फीसदी से कम बढ़ोतरी कर सकती है, जबकि 21 फीसदी तो वेतन वृद्धि करने के पक्ष में ही नहीं दिखाई देती हैं.

नई भर्तियां कम ही करेंगी कंपनियां

इतना ही नहीं, देशव्यापी सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि करीब 43 फीसदी कंपनियों ने नई भर्तियां करने की बात कही हैं, जबकि करीब 41 फीसदी कंपनियां रिप्लेसमेंट हायरिंग करने के पक्ष में दिखाई देती है. केवल 11 फीसदी कंपनियों ने नए सिरे से कर्मचारियों की नई भर्तियां नहीं करने की बात कही है.

वर्कफोर्स को मजबूत करेंगी कंपनियां

सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि दक्षिण क्षेत्र में 37 फीसदी और पश्चिमी क्षेत्र में 33 फीसदी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. इसमें यह भी कहा गया है कि करीब 21 फीसदी कंपनियां अपने वर्क फोर्स को मजबूत करने के लिए योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं. उनका कहना है कि वे टीम की ताकत को 15 फीसदी से अधिक बढ़ाने की योजना बना रही हैं.

सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों में से 26 फीसदी ने कहा कि वे टीम की ताकत 10-15 फीसदी तक बढ़ाएंगे. हालांकि, 30 फीसदी कंपनियों ने 10 फीसदी तक टीम की ताकत बढ़ाने की बात कही है, जबकि 23 फीसदी ने कहा कि कोई भर्ती नहीं होगी.

जूनियर और फ्रेशर्स पर खतरा अधिक

सर्वे में यह भी कहा गया है कि प्रबंधन में मध्यम और वरिष्ठ लोगों की बजाए जूनियर कर्मचारियों की नौकरी जाने की संभावना अधिक है. पश्चिमी क्षेत्र में इस साल सबसे अधिक रेट देखने को मिला है. संगठनों में कम अनुभव वाले कर्मचारी और फ्रेशर्स से कहीं अधिक मध्यम स्तर के कर्मचारियों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना अधिक है.

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Posted by : Vishwat Sen

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