Vijay Mallya: विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका, कहा- बैंकों ने क्यों वसूली अधिक रकम?

Vijay Mallya: विजय माल्या अब भी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि बैंकों ने उनसे दोगुनी राशि वसूल की है. देखना होगा कि कर्नाटक हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या फैसला सुनाती है.

Vijay Mallya: भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बैंकों से लोन वसूली खातों का ब्योरा मांगा है. विजय माल्या के वकील साजन पूवैया के अनुसार, बैंकों को 6203 करोड़ रुपये चुकाने थे, लेकिन 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली की गई है.

विजय माल्या का दावा: दोगुना से अधिक वसूली पर सवाल

विजय माल्या के वकील साजन पूवैया ने तर्क दिया कि लोन वसूली अधिकारी ने भी 10,200 करोड़ रुपये वसूलने की बात कही है, जबकि वास्तविक बकाया इससे कहीं कम था. उन्होंने अदालत से बैंकों को निर्देश देने का अनुरोध किया कि वे वसूली गई राशि का पूरा ब्योरा पेश करें. इस पर न्यायमूर्ति आर देवदास की अध्यक्षता वाली पीठ ने बैंकों और लोन वसूली अधिकारियों को नोटिस जारी किया है.

विजय माल्या का ट्वीट – “मैं अब भी आर्थिक अपराधी क्यों?”

इससे पहले, 18 दिसंबर 2024 को विजय माल्या ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करके दावा किया था कि बैंकों ने उनसे जजमेंट डेट के बदले दोगुनी राशि वसूल ली है. फिर भी उन्हें आर्थिक अपराधी माना जा रहा है. उन्होंने कहा, “जब तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बैंक कानूनी रूप से यह साबित नहीं कर सकते कि उन्होंने दोगुने से ज्यादा कर्ज कैसे लिया है, तब तक मैं राहत का हकदार हूं.”

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं. इनमें से विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक बैंकों को वापस कर दी गई है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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