Vedanta Chairman: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मानव बुद्धिमत्ता (Human Intelligence) के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने यह राय सोशल मीडिया के एक्स पर साझा किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि AI इंसान की बुद्धि का विकल्प नहीं है बल्कि यह सिर्फ एक सपोर्टेर या ‘सप्लीमेंट’ के तौर पर काम करता है.
AI है प्रॉडक्टिविटी बढ़ाने का सप्लीमेंट
अनिल अग्रवाल ने अपने निजी अनुभव को साझा करते हुए लिखा है कि जब से उन्होंने AI का सक्रिय रूप से उपयोग शुरू किया है उनकी प्रॉडक्टिविटी काफी बढ़ गई है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘मेरा मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मानव बुद्धिमत्ता (HI) का विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक सप्लीमेंट की तरह है. मेरे अपने अनुभव में मैंने देखा है कि AI का सक्रिय रूप से उपयोग शुरू करने के बाद मेरी प्रॉडक्टिविटी बढ़ी है. जो काम घंटों या दिनों में होते थे वे अब कुछ मिनटों में हो जाते हैं.’
फैसला लेने के लिए अपना HI का इस्तेमाल करें
वेदांता चेयरमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि AI से मिले डेटा को समझना और अंतिम फैसला लेना अभी भी इंसान का काम है. उन्होंने यूज़र्स को सलाह दी ‘AI जो बताता है, उसकी व्याख्या करने और फैसला लेने के लिए मुझे अभी भी अपनी बुद्धि का उपयोग करना पड़ता है. मैं आप सभी को AI का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ, लेकिन साथ ही अपना अपनी बुद्धि का भी इस्तेमाल करें.’
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