UPI in Japan: भारतीय यात्रियों के लिए बहुत अच्छी खबर आई है. अब भारतीयों को जापान में घूमते वक्त कैश या कार्ड लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. भारत में करोड़ों लोगों की पसंद बना UPI (Unified Payments Interface) अब जल्द ही जापान में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. भारत की NPCI International Payments Limited (NIPL) और जापान की NTT DATA कंपनी के बीच हुए नए समझौते से भारतीय टूरिस्ट अपने मोबाइल से ही QR कोड स्कैन कर पेमेंट कर पाएंगे. बिल्कुल वैसे ही जैसे भारत में करते हैं. यह कदम न सिर्फ भारतीय यात्रियों के लिए राहत लाएगा, बल्कि जापान में डिजिटल पेमेंट को भी एक नया बढ़ावा देगा.
क्या है ये नई पार्टनरशिप?
भारतीय यात्रियों के लिए अब जापान में शॉपिंग और पेमेंट करना होगा बेहद आसान हो गया है. भारत की National Payments Corporation of India (NPCI) की इंटरनेशनल शाखा NIPL ने जापान की NTT DATA कंपनी के साथ एक बड़ा अग्रीमेंट (MoU) साइन किया है. इस पार्टनरशिप के बाद भारतीय टूरिस्ट UPI से सीधे जापान में आराम से पेमेंट कर सकेंगे.
कैसे होंगे पेमेंट आसान?
अब जब भारतीय यात्री जापान जाएंगे, तो उन्हें कैश या विदेशी कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी. बस अपने UPI ऐप (जैसे PhonePe, Paytm या GPay) से QR कोड स्कैन करके पेमेंट आराम से कर सकते है. ठीक वैसे ही जैसे भारत में करते हैं. इससे ट्रांजैक्शन तेज, सुरक्षित और झंझट-रहित हो जाएगा.
NPCI द्वारा किए गए इस एक्स पोस्ट को जरूर देखे:
क्यों किया गया ये समझौता?
NTT DATA के हेड मसानोरी कुरिहारा ने कहा कि यह कदम भारतीय टूरिस्ट्स के लिए शॉपिंग को आसान बनाएगा और जापानी दुकानदारों के लिए बिजनेस में नए मौके खोलेगा. वहीं NIPL के MD & CEO रितेश शुक्ला ने बताया कि यह MoU भारत और जापान के बीच डिजिटल पेमेंट्स को और भी बेहतर करेगा और UPI को एक ग्लोबल पेमेंट सिस्टम के रूप में आगे बढ़ाने में मदद करेगा.
Also Read: अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए दानवीर Karn?
कितना बड़ा कदम है ये?
यह पहली बार है जब UPI पूर्वी एशिया (East Asia) में लॉन्च होने जा रहा है. जापान में भारतीय टूरिज्म भी तेजी से बढ़ रहा है. इस साल जनवरी से अगस्त 2025 के बीच 2 लाख से ज्यादा भारतीयों ने जापान की यात्रा की, जो पिछले साल से 36% ज्यादा है. UPI जो 2016 में लॉन्च हुआ था आज दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क्स में से एक है. सितंबर 2025 में इसने करीब 20 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए है, जिनकी कुल वैल्यू 280 बिलियन डॉलर से ज्यादा रही है.
Also Read: दिवाली 2025: जरूर से देखे ये 12 स्टॉक्स जो इस muhurat trading में आपका मुनाफा दोगुना कर सकते हैं
