UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नए बजट में राज्य के मेहनतकश मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है. सरकार का मुख्य फोकस अब शहरों में काम करने वाले उन मजदूरों पर है, जो अपने घर-गांव से दूर रहकर शहर के विकास में योगदान देते हैं.
मजदूरों को रहने के लिए क्या सुविधा मिलेगी?
अक्सर देखा जाता है कि काम की तलाश में शहरों में आने वाले मजदूरों को ठहरने के लिए सही जगह नहीं मिलती है. इसे देखते हुए सरकार ने ‘लेबर अड्डों’ के निर्माण का फैसला लिया है. ये अड्डे खास तौर पर उन मजदूरों के लिए होंगे जो अपने गांव से दूर शहरों में काम करने आते हैं. इससे उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित जगह मिल सकेगी.
हादसे की स्थिति में कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?
सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति साफ की है. ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड (26.08.2021 से 31.03.2022 के बीच) श्रमिकों के लिए बड़ी राहत है:
- दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर: 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी.
- आंशिक दिव्यांगता (Partial Disability) पर: 1 लाख रुपये का भुगतान.
क्या अब इलाज के लिए अस्पताल जाने की जरूरत नहीं?
मजदूरों की सेहत का ख्याल रखने के लिए सरकार ने एक अनोखी पहल शुरू की है. प्रदेश में पहली बार ‘मोबाइल हेल्थ वैन’ चलाई जा रही हैं. ये वैन सीधे उन जगहों पर जाएगी जहां निर्माण कार्य चल रहा है, ताकि मजदूरों का मौके पर ही स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा दी जा सके. अभी इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है.
क्या अब यूपी के युवाओं को विदेशों में भी मिलेगी नौकरी?
रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और श्रमिकों के लिए ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ का गठन किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य केवल राज्य के भीतर ही नहीं, बल्कि देश और विदेश (International Level) में भी युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.
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