Trump के 100% टैरिफ का असर ! ब्रांडेड दवाओं तक सीमित, जेनरिक दवाओं पर कोई असर नहीं

Trump Tariffs : अमेरिका ने ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, लेकिन इंडियन फार्मास्यूटिकल एलायंस ने स्पष्ट किया कि इसका असर जेनरिक दवाओं पर नहीं पड़ेगा. भारत अमेरिका को जेनरिक दवाओं का बड़ा हिस्सा सप्लाई करता है.

Trump Tariffs : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 1 अक्टूबर से ब्रांडेड और पेटेंट-प्रोटेक्टेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा का असर जेनरिक दवाओं पर नहीं पड़ेगा. इंडियन फार्मास्यूटिकल एलायंस (IPA) के सचिव जनरल सुदर्शन जैन ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल पेटेंट या ब्रांडेड उत्पादों पर लागू होता है, जेनरिक दवाओं पर नहीं.

भारत की वैश्विक दवा आपूर्ति में प्रमुख भूमिका

भारत अमेरिका को जेनरिक दवाओं का 45% और बायोसिमिलर दवाओं का 15% हिस्सा सप्लाई करता है. यही कारण है कि भारतीय दवा कंपनियों की अमेरिकी बाजार में हिस्सेदारी मजबूत बनी हुई है. Pharmexcil के चेयरमैन नमित जोशी ने कहा कि भारत लंबे समय से विश्व में किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति में अहम भूमिका निभा रहा है.

भारत अमेरिका की लगभग 47% फार्मास्यूटिकल जरूरतों, विशेषकर जेनरिक दवाओं की पूर्ति करता है. उन्होंने आगे बताया कि 100% टैरिफ का प्रस्तावित असर तत्काल भारतीय निर्यात पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि अधिकांश योगदान सरल जेनरिक दवाओं का है और बड़ी कंपनियां पहले ही अमेरिका में निर्माण या री-पैकेजिंग यूनिट्स चला रही हैं. जोशी ने सुझाव दिया कि वर्तमान जांचें (Section 232 के तहत) जेनरिक दवाओं पर नहीं हैं, लेकिन भविष्य में नीतिगत बदलावों के लिए तैयार रहना और जोखिम-मिटिगेशन रणनीतियां बनाना उचित रहेगा.

मेडिकल डिवाइस पर असर नहीं

AiMeD के फोरम कोऑर्डिनेटर राजीव नाथ ने स्पष्ट किया कि मेडिकल डिवाइस फार्मास्यूटिकल नहीं हैं और पहले से ही अमेरिका द्वारा टैक्स लगाया गया है. इसलिए इस नई टैरिफ नीति का मेडिकल डिवाइस पर असर नहीं पड़ेगा.

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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