Crude Oil Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है. इन्वेस्टर्स की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देशों के बीच कोई शांति समझौता होगा या फिर विवाद और बढ़ेगा. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कमोडिटी मार्केट का ताजा हाल क्या है.
कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आया उछाल?
बुधवार के कारोबारी सत्र में भारी अनिश्चितता के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) $110 प्रति बैरल पर खुलने के बाद $111.49 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया था. वहीं, अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी $104.45 प्रति बैरल के उच्च स्तर को छू गया. दरअसल, इन्वेस्टर्स को डर है कि अगर तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता प्रभावित हुआ, तो दुनिया भर में तेल की सप्लाई चेन ठप हो सकती है. पिछले तीन महीनों में तेल की कीमतें लगभग 50% और पिछले एक महीने में 7% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं.
क्या वाकई शांति समझौते के करीब हैं अमेरिका और ईरान?
व्हाइट हाउस में जर्नलिस्ट्स से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस मामले के अंतिम चरण में है और वे पश्चिम एशिया के नेगोशिएटर्स से पाजिटिव जवाब का इंतजार कर रहे हैं. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि या तो कोई डील होगी, या फिर अमेरिका कुछ कड़े कदम उठाएगा. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे कम से कम नुकसान देखना चाहते हैं. ट्रंप ने सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है और वे इस हफ्ते के अंत तक बातचीत की प्रगति का इंतजार कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर कोई हमला हुआ, तो यह जंग पूरे क्षेत्र के पार तक फैल जाएगी.
आज बाजार में तेल के दाम क्या हैं?
ट्रंप के बयान के बाद कीमतों में मामूली राहत जरूर दिखी है. गुरुवार सुबह 8:12 बजे (IST) ब्रेंट क्रूड 0.02% की मामूली बढ़त के साथ $105.50 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले क्लोजिंग ($105.48) के करीब ही है. वहीं, WTI क्रूड 0.18% की गिरावट के साथ $98.91 प्रति बैरल पर आ गया, जो पिछले बंद भाव ($99) से थोड़ा कम है. पिछले पांच कारोबारी सत्रों की बात करें तो क्रूड ऑयल फ्यूचर्स में 1.96% की गिरावट दर्ज की गई है.
सोने के भाव पर इस तनाव का क्या असर हुआ?
आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो लोग सोने को सेफ इनवेस्टमेंट मानकर खरीदते हैं. बुधवार रात न्यूयार्क के कॉमेक्स (COMEX) बाजार में सोना 0.34% की तेजी के साथ $4,550.80 प्रति औंस पर बंद हुआ. हालांकि, लंबे समय के ट्रेंड को देखें तो सोना पिछले तीन महीनों में 10% और एक महीने में 5.7% टूटा है. गुरुवार को भारतीय समयानुसार सोने में तेजी देखी जा रही है, क्योंकि ग्लोबल लेवल में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी है और डॉलर इंडेक्स 0.08% मजबूत होकर 99.169 पर पहुंच गया है.
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