Tomato Price: 250 रुपये तक पहुंचा टमाटर का भाव, कहीं डकैती, तो कहीं सुरक्षा में लगाये गये बाउंसर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, टमाटर की अखिल भारतीय औसत कीमत लगभग 117 रुपये प्रति किलोग्राम रही. खुदरा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर, पटना और लखनऊ जैसे चुनिंदा शहरों में 90 रुपये प्रति किलोग्राम की छूट पर टमाटर बेच रही है.

देशभर में टमाटर का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बल्कि कीमत में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है. स्थिति यह है कि देश के कई इलाकों में टमाटर का भाव 200 के पार पहुंच चुका है. उत्तर प्रदेश के हापुड़ में टमाटर सबसे अधिक 250 रुपये बिका.

इस कारण से बढ़ रहा टमाटर का भाव

देशभर में टमाटर के भाव में वृद्धि के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून की भारी बारिश और आपूर्ति प्रभावित होने हो बताया जा रहा है. अधिक बारिश होने से जलभराव की स्थिति बन गयी है और इसका असर फसल पर भी पड़ा है. नतीजा रहा कि शनिवार को प्रमुख शहरों के खुदरा बाजारों में टमाटर की कीमतें 250 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गईं. टमाटर की कीमतें जुलाई-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर में उत्पादन कम होने से आम तौर पर बढ़ जाती हैं. हालांकि इस बार कई राज्यों में मानसून की भारी बारिश से आपूर्ति में व्यवधान होने से इसकी कीमतें ज्यादा बढ़ गई हैं.

टमाटर की औसत कीमत लगभग 117 रुपये प्रति किलोग्राम रही

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, टमाटर की अखिल भारतीय औसत कीमत लगभग 117 रुपये प्रति किलोग्राम रही. खुदरा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर, पटना और लखनऊ जैसे चुनिंदा शहरों में 90 रुपये प्रति किलोग्राम की छूट पर टमाटर बेच रही है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, टमाटर की औसत अखिल भारतीय खुदरा कीमत शनिवार को 116.86 रुपये प्रति किलोग्राम रही जबकि अधिकतम दर 250 रुपये प्रति किलोग्राम और न्यूनतम दर 25 रुपये प्रति किलोग्राम रही.

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रियायत दर पर टमाटर बेच रही केंद्र सरकार

टमाटर के भाव में बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद केंद्र की मोदी सरकार देश के कई शहरों में रिययती दर पर टमाटर बेच रही है. जिसमें कई कंपनियों का भी सहयोग लिया जा रहा है. भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) केंद्र की ओर से मोबाइल वैन के जरिये रियायती दर पर टमाटर बेच रहे हैं. केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने एक ट्वीट में कहा, दिल्ली और नोएडा के विभिन्न हिस्सों के अलावा लखनऊ, पटना और मुजफ्फरपुर में रियायती दरों पर टमाटर की बिक्री आज से शुरू हो गई.

दिल्ली में 100 आउटलेट के माध्यम से टमाटर बेचने की योजना

एनसीसीएफ ने राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 100 केंद्रीय भंडार आउटलेट के माध्यम से टमाटर बेचने की योजना बनाई है. वह दिल्ली-एनसीआर में 400 ‘सफल’ खुदरा दुकानों के जरिये टमाटर बेचने के लिए मदर डेयरी के साथ बातचीत कर रहा है.

दिल्ली में टमाटर 178 रुपये प्रति किलोग्राम

महानगरों में से दिल्ली में टमाटर 178 रुपये प्रति किलोग्राम पर रहा. मुंबई में 150 रुपये प्रति किलोग्राम और चेन्नई में 132 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर टमाटर बिक रहा था. टमाटर की सबसे ज्यादा कीमत हापुड़ में 250 रुपये प्रति किलो रही.

बेंगलुरु में 2.5 टन टमाटर की डकैती

बेंगलुरु के पास एक किसान को उसके वाहन से हुई एक दुर्घटना का हर्जाना टमाटरों से चुकाना पड़ा. दुर्घटनाग्रस्त कार में सवार लोग किसान के 2.5 टन टमाटर लेकर फरार हो गए. किसान मल्लेश के ट्रक से टक्कर में कार का शीशा टूट गया था जिसकी भरपाई ना कर पाने पर तीनों लोग टमाटर से लदे उसके ट्रक को लेकर फरार हो गये. पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु के चिक्काजला के पास यह घटना घटी. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर का रहने वाला किसान मल्लेश पिछले शनिवार को ट्रक में टमाटर लादकर कोलार जा रहा था. अचानक ट्रक की टक्कर एक कार से हो गई और कार का शीशा टूट गया जिसमें आरोपी सवार थे.

टमाटर की सुरक्षा के लिए तैनात किये गये बाउंसर

टमाटर की कीमत बढ़ने के साथ ही देशभर से एक से बढ़कर एक चौकाने वाली खबरें भी सामने आयी. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश से खबर आयी थी कि बढ़ती कीमत के कारण समाजवादी पार्टी (सपा) के एक कार्यकर्ता ने सब्जी की अपनी दुकान पर टमाटर की पहरेदारी के लिए कथित तौर पर बाउंसर तैनात किए. फौजी ने बताया कि उन्होंने दो बाउंसर को तैनात किया है, ताकि खरीददारों को मोलभाव करते समय आक्रमक होने से रोका जा सके. सपा कार्यकर्ता ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर टमाटर की आकृति वाला का एक ‘केक’ काटा था. फौजी ने बताया, टमाटर की ऊंची कीमतों के कारण, इसे खरीदते समय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक होने की खबरें आ रही थीं. हमारी दुकान पर आने वाले लोगों ने भी ऐसा करने की कोशिश की. जब मैंने महसूस किया कि अब बहुत हो चुका, तब मैंने अपनी दुकान पर बाउंसर तैनात करने का फैसला किया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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